17 अप्रैल 2026
भोपाल:
मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में अपने निवास पर ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) पोर्टल के माध्यम से अपना विवरण दर्ज कर इस अभियान का आगाज किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान साफ किया कि जनगणना के ये आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के विकास की नींव हैं।
डिजिटल हुई जनगणना: घर बैठे दर्ज करें जानकारी
इस बार की जनगणना में एक बड़ी सुविधा दी गई है। लोग अब सरकारी कर्मचारियों का इंतजार किए बिना खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भर सकते हैं।
1. समय सीमा: स्व-गणना की यह सुविधा 30 अप्रैल तक उपलब्ध रहेगी।
2. कब भरें: लोग सुबह से लेकर रात 12 बजे तक कभी भी अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं।
3. कैसे करें: इसके लिए सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्टर करना होगा।
जनगणना से जुड़ी खास बातें
मुख्यमंत्री ने बताया कि सही आंकड़े क्यों जरूरी हैं और इस पूरी प्रक्रिया में क्या-क्या होगा:
मुख्यमंत्री के अनुसार, जनगणना से जो डेटा मिलता है, उसी के आधार पर सरकार भविष्य की योजनाएं बनाती है। इससे पता चलता है कि किस इलाके में कितने स्कूल, अस्पताल या सड़कों की जरूरत है। यह डेटा देश और राज्य की प्रगति का रास्ता तय करता है।
दो चरणों में होगा काम
जनगणना का काम दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले चरण में मकानों की सूची तैयार की जा रही है और स्व-गणना का विकल्प दिया गया है। दूसरा चरण फरवरी 2027 से शुरू होगा, जिसमें घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना की जाएगी।
इस बड़े अभियान को पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश में लगभग 1 लाख 60 हजार कर्मचारियों को काम पर लगाया गया है। ये कर्मचारी सुनिश्चित करेंगे कि प्रदेश का हर नागरिक इस गणना में शामिल हो।
आप कैसे ले सकते हैं भाग (स्टेप-बाय-स्टेप)
अब आपको जनगणना के लिए सरकारी कर्मचारियों के घर आने का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है। आप ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) के ज़रिए ऑनलाइन ही अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकते हैं।
यह न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि आपकी जानकारी की सटीकता भी सुनिश्चित करेगा। आइए जानते हैं कि आप इस प्रक्रिया में कैसे भाग ले सकते हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण और लॉगिन की प्रक्रिया
*सबसे पहले आपको जनगणना की आधिकारिक वेबसाइट (se.census.gov.in) पर जाना होगा। यहाँ प्रक्रिया बहुत ही सरल है:
*पोर्टल पर जाकर सबसे पहले अपना शुरुआती पंजीकरण करें।
*परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। ध्यान रखें कि एक मोबाइल नंबर से एक ही परिवार का पंजीकरण किया जा सकता है, इसलिए नंबर सावधानी से भरें।
*अपना जिला और पिनकोड डालने के बाद आपको डिजिटल मैप पर अपनी लोकेशन चुनने का विकल्प मिलेगा।
33 सवालों के देने होंगे जवाब
एक बार लॉगिन होने के बाद, आपको एक डिजिटल फॉर्म भरना होगा। इसमें आपके परिवार और मकान से जुड़े कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे।
* इन सवालों में मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और परिवार के सदस्यों से जुड़ी सामान्य जानकारियां शामिल होंगी।
* सभी उत्तर देने के बाद एक ‘प्रीव्यू फाइल’ बनेगी। अपनी जानकारी को अच्छे से जांच लें और फिर उसे सबमिट करें।
* सबमिशन के बाद आपको 11 अंकों की एक यूनिक आईडी मिलेगी। इसे नोट कर लें या इसका स्क्रीनशॉट लेकर सुरक्षित रख लें।
क्यों जरूरी है सही जानकारी देना?
जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही आने वाले समय में देश और राज्य की विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं। इसलिए सही जानकारी देना आपकी जिम्मेदारी है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
1. आईडी संभालकर रखें: जब मई के बाद जनगणना कर्मचारी (प्रगणक) आपके घर आएंगे, तब आपको उन्हें यही 11 अंकों की आईडी दिखानी होगी। इससे उन्हें दोबारा आपसे जानकारी नहीं मांगनी पड़ेगी।
2. गलत जानकारी पर सजा: जनगणना कानून के तहत गलत जानकारी देने या जानबूझकर तथ्य छिपाने पर 3 साल की सजा और अर्थदंड का प्रावधान है।
3. सुधार का मौका: ऑनलाइन फॉर्म फाइनल सबमिट करने के बाद आप उसमें खुद बदलाव नहीं कर पाएंगे। अगर कोई गलती हो जाती है, तो जब प्रगणक आपके घर आएंगे, तब आप उनसे कहकर उसमें सुधार करवा सकते हैं।
डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करना एक जिम्मेदार नागरिक होने की पहचान है। इससे डेटा सुरक्षित रहता है और सरकारी तंत्र को काम करने में आसानी होती है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपनी सही जानकारी दर्ज कराएं ताकि सरकार बेहतर भविष्य के लिए नीतियां बना सके।


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