MP में 22.77 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’,केंद्र की योजना बनी संबल.
संवाददाता
19 March 2026
अपडेटेड: 3:11 PM 0thGMT+0530
19 मार्च 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य में अब तक 22.77 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों (31 दिसंबर 2025 तक) के अनुसार,लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि उनकी वार्षिक आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंच सके। योजना के जरिए महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ छोटे-छोटे व्यवसाय भी शुरू कर पा रही हैं।
प्रदेश में इस पहल का व्यापक असर देखा गया है। बड़ी संख्या में महिलाएं अब स्वयं के पैरों पर खड़ी हो रही हैं और परिवार की आय में भी योगदान दे रही हैं। सरकार का दावा है कि यह योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मध्य प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ योजना नए अवसर खोल रही है। प्रदेश के 89 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने ड्रोन संचालन से जुड़ा प्रमाणित तकनीकी प्रशिक्षण हासिल किया है। अब ये महिलाएं खेतों में ड्रोन के माध्यम से लिक्विड फर्टिलाइजर और कीटनाशकों का छिड़काव कर रही हैं।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत प्रत्येक महिला सदस्य को कृषि मौसम या व्यावसायिक चक्र के आधार पर सालाना कम से कम 1 लाख रुपये की आय सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2023 को लाल किले से की थी। शुरुआत में इसका लक्ष्य 2 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना था, जिसे बाद में बढ़ाकर 3 करोड़ कर दिया गया है।