16 अप्रैल 2026
भोपाल:
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस साल के नतीजों ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं और एक नई मिसाल पेश की है। सबसे खास बात यह रही कि प्रदेश के टॉप 10 प्रदर्शन करने वाले जिलों में 8 जिले आदिवासी बहुल हैं, जो राज्य में शिक्षा के बदलते स्तर को दर्शाता है।
12वीं में 17 साल का रिकॉर्ड टूटा
इस साल 12वीं कक्षा का रिजल्ट शानदार रहा है। कुल 76.01 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं, जो पिछले 17 सालों में सबसे बेहतर प्रदर्शन है। इससे पहले साल 2008 में पास होने वालों का आंकड़ा 81 प्रतिशत रहा था। वहीं, 10वीं कक्षा में इस साल 73.42 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं। हालांकि, 10वीं का रिजल्ट पिछले साल के मुकाबले करीब 2.80 प्रतिशत कम रहा है।
बेटियों ने लहराया परचम
नतीजों में एक बार फिर लड़कियों का दबदबा देखने को मिला।
1. पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 10वीं में प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया है। प्रतिभा ने 500 में से 499 अंक पाकर सबको हैरान कर दिया।
2. 12वीं में भोपाल की दो बेटियों, चांदनी विश्वकर्मा और खुशी राय ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। दोनों ने 500 में से 494 अंक प्राप्त किए।
आदिवासी जिलों का शानदार प्रदर्शन
रिजल्ट के आंकड़े बताते हैं कि अनूपपुर, झाबुआ, अलीराजपुर, मंडला और डिंडौरी जैसे जिलों ने पढ़ाई में बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया है। 10वीं में अनूपपुर 93.85 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा, जबकि 12वीं में झाबुआ जिले ने 93.23 प्रतिशत रिजल्ट के साथ टॉप किया। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के छात्रों के प्रदर्शन में इस साल बड़ा सुधार देखा गया है।
असफल छात्रों को मिलेगा एक और मौका
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परीक्षा में सफल न हो पाने वाले छात्रों को ढांढस बंधाया है। उन्होंने कहा कि जो छात्र असफल हुए हैं, उनका साल खराब नहीं होगा। उन्हें मई महीने में फिर से परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा। मध्य प्रदेश ऐसा करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है, जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।
सीबीएसई में भी छाईं राजधानी की बेटियां
एमपी बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई 10वीं के नतीजे भी घोषित हुए। भोपाल रीजन का रिजल्ट 92.48 प्रतिशत रहा। भोपाल की सान्वी झा और आस्तिक पाठक ने 99.8 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। देशभर में सीबीएसई 10वीं में कुल 93.70 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं, यहाँ भी छात्राओं का पास प्रतिशत (94.99%) छात्रों (92.69%) से बेहतर रहा।
इस साल बोर्ड परीक्षाओं में करीब 15.86 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 8.97 लाख 10वीं के और 6.89 लाख 12वीं के छात्र थे।


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