MP में अब ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) की तैयारी: ड्राफ्ट बनकर तैयार, जल्द कैबिनेट में पेश कर सकती है मोहन सरकार

khabar pradhan

संवाददाता

7 April 2026

अपडेटेड: 11:40 AM 0thGMT+0530

7 अप्रैल 2026
भोपाल:

मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार अब इस कानून को लागू करने के निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। सूत्रों की मानें तो UCC का शुरुआती ड्राफ्ट पूरी तरह तैयार कर लिया गया है और इसे कभी भी राज्य कैबिनेट के सामने पेश किया जा सकता है।

मिशन मोड में सरकार, गोवा और उत्तराखंड मॉडल का अध्ययन
राज्य सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती। ड्राफ्ट तैयार करने से पहले विशेषज्ञों ने गोवा सिविल कोड और उत्तराखंड में हाल ही में लागू हुए UCC के मॉडल का गहरा अध्ययन किया है। इसका मकसद एक ऐसा संतुलित फॉर्मूला तैयार करना है जो मध्य प्रदेश की सामाजिक परिस्थितियों के हिसाब से व्यावहारिक हो।

क्या बदलाव आएंगे आपकी जिंदगी में?
अगर यह ड्राफ्ट पास हो जाता है और कानून का रूप लेता है, तो राज्य में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों के लिए कुछ नियम एक समान हो जाएंगे:
शादी और तलाक: विवाह और तलाक के नियम सभी नागरिकों के लिए एक जैसे होंगे।
बहुविवाह पर रोक: एक से ज्यादा शादी करने की प्रथा पर कानूनी रोक लग सकती है।
संपत्ति में अधिकार: महिलाओं को संपत्ति और उत्तराधिकार में पुरुषों के बराबर हक मिलेगा।
समान अधिकार: लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाने वाले प्रावधान होंगे।

आदिवासी समुदायों का खास ध्यान
मध्य प्रदेश एक विविध सामाजिक संरचना वाला राज्य है। यहाँ 230 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं। आदिवासियों की अपनी विशेष परंपराएं और रीति-रिवाज होते हैं। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती सामाजिक संतुलन बनाए रखने की है, ताकि किसी की धार्मिक या सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी UCC को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख एजेंडा बताया है। अब मध्य प्रदेश सरकार इसे ‘मिशन मोड’ में आगे बढ़ा रही है। जल्द ही बड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी समय-सीमा तय की जाएगी। कानूनी विशेषज्ञों की नजरें भी अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि यह कानून राज्य की राजनीति और समाज में एक नई बहस को जन्म दे सकता है।

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