19 मई 2026
नई दिल्ली/मुंबई
नीट (NEET-UG) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) तेजी से एक्शन मोड में नजर आ रही है। इस बड़े घोटाले की कड़ियाँ जोड़ते हुए सीबीआई ने सोमवार को महाराष्ट्र में एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। इस पूरे मामले में अब तक 10वीं गिरफ्तारी हो चुकी है। सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर से एक नामी केमिस्ट्री कोचिंग सेंटर के संचालक को दबोच लिया है।
कोचिंग संचालक के मोबाइल में मिला लीक पेपर
गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर है। जांच अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार को जब सीबीआई की टीम ने रघुनाथ के ठिकानों पर तलाशी ली, तो उसके मोबाइल फोन से नीट-यूजी का लीक हुआ पेपर बरामद हुआ। सीबीआई का मानना है कि मोटेगांवकर उस संगठित गिरोह का एक मुख्य हिस्सा है जो पेपर लीक कराने और उसे आगे छात्रों तक फैलाने का काम कर रहा था।
23 अप्रैल को ही हाथ लग गया था पेपर
शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी ने गिरोह के अन्य लोगों के साथ मिलकर परीक्षा से काफी पहले यानी 23 अप्रैल को ही नीट का पेपर और उसके जवाब (आंसर की) हासिल कर लिए थे। इसके बाद इस लीक पेपर को कई अन्य लोगों को भी बांटा गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने 15 मई को मोटेगांवकर के घर पर करीब 8 घंटे तक कड़ी पूछताछ भी की थी।
7 जिलों में फैला है कोचिंग नेटवर्क, 100 करोड़ का टर्नओवर
आरोपी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर का कोचिंग की दुनिया में बड़ा नाम है। लातूर समेत महाराष्ट्र के 7 अलग-अलग जिलों में उसका ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ (RCC) नाम का बड़ा कोचिंग सेंटर नेटवर्क चलता है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस नेटवर्क का सालाना टर्नओवर करीब 100 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
छापेमारी में कई दस्तावेज और गैजेट्स जब्त
रविवार को सीबीआई ने आरसीसी (RCC) के मुख्य कार्यालय पर भी छापा मारा था। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने वहां से कई जरूरी दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को जब्त किया है। सीबीआई को शक है कि इस नामी कोचिंग सेंटर के जरिए नीट के उम्मीदवारों को लीक पेपर के सवाल और जवाब उपलब्ध कराए गए थे। इतना ही नहीं, जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि लातूर के कई डॉक्टरों ने भी इस लीक पेपर को मोटी रकम देकर खरीदा था।
अब तक 10 आरोपी आ चुके हैं गिरफ्त में
नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, बड़े चेहरों के बेनकाब होने का सिलसिला जारी है। इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से 6 आरोपी अकेले महाराष्ट्र से हैं। सीबीआई अब जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल डेटा को खंगाल रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े बाकी लोगों और फायदा उठाने वाले छात्रों का भी पता लगाया जा सके।


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