14 अप्रैल 2026
भोपाल:

राजधानी भोपाल की पहचान ‘बड़े तालाब’ को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी मुहिम छेड़ दी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त निर्देशों के बाद सोमवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने तालाब के कैचमेंट एरिया (डूब क्षेत्र) में बने अवैध पक्के निर्माणों और बाउंड्री वॉल को ढहा दिया। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की अवैध संपत्तियों को मिट्टी में मिला दिया गया।

कहाँ-कहाँ चला बुलडोजर?
प्रशासन की टीम सोमवार दोपहर भारी पुलिस बल के साथ बड़े तालाब के किनारे स्थित सेवानिया गौड़ और गोरा गांव पहुंची। यहाँ नियमों को ताक पर रखकर तालाब की सीमा के भीतर निर्माण कार्य किए गए थे।
बाउंड्री वॉल और पक्के निर्माण: जेसीबी की मदद से अवैध रूप से बनाई गई दीवारों और पक्के ढांचों को तोड़ दिया गया।
अनुमान है कि इस क्षेत्र में लगभग 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की योजना है। प्रशासन ने ऐसी 347 अवैध संपत्तियों की पहचान की है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व एसडीएम अर्चना शर्मा और तहसीलदार कुणाल रावत ने किया। उनके साथ नगर निगम का मदाखलत दस्ता और पुलिस बल मौजूद था।
आगे की कार्रवाई का शेड्यूल (कब और कहाँ चलेगा बुलडोजर)
प्रशासन ने अगले 15 दिनों का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। तालाब के चारों ओर करीब 50 किलोमीटर के दायरे में फैले अतिक्रमण को हटाया जाएगा:
15-16 अप्रैल: बैरागढ़-मकान, मैरिज गार्डन सहित अन्य अवैध निर्माण हटाए जाएंगे।
17 अप्रैल: हुजूर तहसील क्षेत्र में सरकारी भूमि से अतिक्रमण साफ होगा।
18-19 अप्रैल: टीटी नगर क्षेत्र के बचे हुए कब्जे हटाए जाएंगे।
20 अप्रैल: बैरागढ़ के बाकी हिस्सों में कार्रवाई होगी।
21 अप्रैल: हुजूर और बैरागढ़ के अंतिम चिन्हित इलाकों में बुलडोजर चलेगा।
एनजीटी की सख्ती और प्रशासन का रुख
बड़े तालाब के संरक्षण के लिए एनजीटी ने कड़ा रुख अपना रखा है। पिछले 10 सालों में तालाब किनारे जो भी अवैध निर्माण हुए हैं, उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों का क्या कहना है?
एसडीएम अर्चना शर्मा के मुताबिक, यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। तालाब किनारे बने अवैध मैरिज गार्डन और ग्रीन बेल्ट के नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों को भी नहीं बख्शा जाएगा। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि 25 अप्रैल तक तालाब के कैचमेंट एरिया को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया जाए।
10 साल पुराना अतिक्रमण भी निशाने पर
हैरानी की बात यह है कि बैरागढ़ और बोरवन जैसे इलाकों में कई निर्माण पिछले 10-12 साल से बने हुए थे। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि तालाब के एफटीएल (फुल टैंक लेवल) से 50 मीटर के भीतर आने वाले सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे ताकि तालाब के प्राकृतिक स्वरूप को बचाया जा सके।