Pak Nuclear Weapons: पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की हो रही चर्चा, राजनाथ सिंह ने वर्ल्ड कम्युनिटी से कर दी बड़ी मांग…
संवाददाता
16 May 2025
अपडेटेड: 8:11 AM 0thGMT+0530
Pak Nuclear Weapons: पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की हो रही चर्चा, राजनाथ सिंह ने वर्ल्ड कम्युनिटी से कर दी बड़ी मांग
Pakistan Nuclear Arsenal: पाकिस्तान के परमाणु हथियार पर अब दुनियाभर में कई तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं । अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैश्विक समुदाय से पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार को लेकर बड़ी मांग कर डाली है।
India Pakistan News: भारतीय सेना का हौसला बढ़ाने जम्मू-कश्मीर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर फैलाई जा रही खबरों को एक अलग ही दिशा में मोड़ दिया ।उन्होंने कहा कि आज आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिज्ञा कितनी कठोर है, इसका पता इसी से चलता है कि हमने उनके न्यूक्लियर ब्लैकमेल की भी परवाह नहीं की । पाकिस्तान हर समय परमाणु हथियारों की ब्लैकमेलिंग नहीं कर सकता। उसका हम मुंह तोड़ जवाब देंगे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे गैर जिम्मेदाराना तरीके से पाकिस्तान की तरफ से भारत को अनेक बार एटमी धमकियां दी गईं । उन्होंने कहा कि आज श्रीनगर की धरती से मैं पूरी दुनिया के सामने यह सवाल उठाना चाहता हूं कि क्या ऐसे गैर जिम्मेदार और नापाक इरादों वाले देश के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं? मैं मानता हूं कि पाकिस्तान के एटमी हथियारों को IAEA यानि International Atomic Energy Agency की निगरानी में लिया जाना चाहिए ।
राजनाथ सिंह ने यह मांग ऐसे समय पर की है जब सोशल मीडिया पर यह खबर बहुत चर्चा में है कि पाकिस्तान में ‘न्यूक्लियर लीकेज’ के दावे किए जा रहे थे । हालांकि कुछ घंटे पहले ही IAEA ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान में कोई परमाणु लीकेज नहीं है । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा जवाब है और आतंकवादियों ने ‘धर्म’ के आधार पर निर्दोष लोगों की हत्या की और उनके खिलाफ कार्रवाई उनके ‘कर्म’ के आधार पर की गई । भारत के बारे में पूरी दुनिया यह बात जानती है कि हमने हमेशा शांति को प्राथमिकता दी है । हम आमतौर पर युद्ध के समर्थक कभी नहीं रहे लेकिन स्थितियां जब इतनी विकट हो जाएं जब देश की संप्रभुता पर आक्रमण हो, तो जवाब देना आवश्यक हो जाता है ।
श्रीनगर पहुंचने के तुरंत बाद राजनाथ सिंह बादामी बाग छावनी पहुंचे, जहां उन्होंने सैनिकों को संबोधित किया । 22 अप्रैल को पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी शिविरों को निशाना बनाने के लिए चले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह जम्मू-कश्मीर का उनका पहला दौरा है । उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, सेना प्रमुख और अन्य शीर्ष अधिकारी भी उनके साथ थे ।
मैं डाकिया बनकर आया हूं…
सैनिकों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं अभी भले ही आपका रक्षा मंत्री हूं, लेकिन उससे पहले तो भारत का नागरिक हूं. रक्षा मंत्री के साथ-साथ, मैं आज भारत के नागरिक के रूप में भी आपका आभार प्रकट करने आया हूं. आज मैं यहां रक्षा मंत्री के साथ-साथ एक मैसेंजर के रूप में भी आया हूं. पूरे देश की शुभकामनाएं, उनकी प्रार्थनाएं, और उनकी कृतज्ञता लेकर, मैं आपके बीच आया हूं । एक तरह से आप समझिए कि मैं एक डाकिया बनकर आपके बीच आया हूं और देशवासियों का संदेशा लाया हूं. संदेश यह है कि हमें हमारी सेनाओं पर गर्व है ।
आतंकियों ने धर्म देखकर मारा–हमने कर्म देखकर मारा!
राजनाथ ने कहा कि आतंकियों ने पहलगाम में धर्म पूछकर, हमारे निर्दोष लोगों को मारा। उसके बाद आपने जो जवाब दिया, उसे पूरी दुनिया ने देखा ।उन्होंने यह नहीं सोचा कि आम नागरिकों ने उनका क्या बिगाड़ा है, उन्होंने ऐसा क्या किया है कि उन्हें मार दिया जाए? पर मैं यहां कहना चाहूंगा कि ‘आतंकियों ने भारतीयों को धर्म देखकर मारा तो हमने आतंकियों को उनका कर्म देखकर मारा।’ उन्होंने धर्म देखकर बेगुनाहों की जान ली, यह पाकिस्तान का कर्म था । हमने कर्म देखकर उनका खात्मा किया, यह हमारा भारतीय धर्म था ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ नीति को फिर से परिभाषित किया है । राजनाथ ने कहा कि जैसा कि समझौता हुआ है, अगर पाकिस्तान किसी भी तरह का उल्लंघन करता है तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा । आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई सख्त होगी क्योंकि प्रधानमंत्री ने नीति को फिर से परिभाषित किया है । उन्होंने कहा कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते और पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर POK पर ही हो सकती है।