14 मई 2026
नई दिल्ली:

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बड़े नेता दत्तात्रेय होसबोले ने हाल ही में एक इंटरव्यू में देश के सामाजिक और राजनीतिक हालात पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में मुस्लिम समाज के भीतर ऐसे नेताओं की कमी हो गई है जो राष्ट्रवादी सोच रखते हों। उनका मानना है कि आजकल उन्हीं नेताओं को ज्यादा पसंद किया जाता है जो अलगाव वाली बातें करते हैं। होसबोले ने याद दिलाया कि आजादी के आंदोलन के वक्त कई राष्ट्रवादी मुस्लिम नेता हुआ करते थे, पर अब ऐसा नहीं है।
ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया
उन्होंने एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान का जिक्र किया जिसमें ओवैसी ने मुसलमानों से अपनी अलग राजनीतिक ताकत बनाने को कहा था। होसबोले के मुताबिक, ओवैसी को लगता है कि देश की सेकुलर पार्टियां मुसलमानों के साथ न्याय नहीं कर पाएंगी, लेकिन अलग राह चुनना देश के लिए सही नहीं है।
लव जिहाद और आपसी रिश्ते
रिश्तों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संघ सच्चे प्यार का दुश्मन नहीं है। स्त्री और पुरुष के बीच का स्वाभाविक प्रेम गलत नहीं है, लेकिन जब इसे एक साजिश के तहत इस्तेमाल किया जाता है, तो संघ उसका विरोध करता है। उन्होंने इसे ‘लव जिहाद’ कहा और बताया कि इससे हिंदू लड़कियों को परेशानी होती है। उन्होंने यह भी साझा किया कि संघ में खुद ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने अपनी पसंद से दूसरे धर्म या जाति में विवाह किया है।
हिंदू राष्ट्र और समानता
भारत को हिंदू राष्ट्र बताने पर उन्होंने कहा कि इसे बनाने की जरूरत नहीं है क्योंकि भारत शुरू से ही हिंदू राष्ट्र रहा है। उन्होंने साफ किया कि भारत में रहने वाले गैर-हिंदुओं को इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे भी अपनों से अलग नहीं हैं। होसबोले ने कहा कि देश के सभी लोगों के पूर्वज हिंदू थे और सबका डीएनए एक जैसा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में किसी को भी दूसरे दर्जे का नागरिक नहीं समझा जाता और यहाँ सभी को बराबरी का हक मिलता है।