21 अगस्त 2026:
मध्य प्रदेश /भोपाल/

राजस्थानी भोपाल का हाई प्रोफाइल केस त्विषा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच ने अब एक नया मोड़ ले लिया है।  दरअसल त्विषा की मौत को एम्स की फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने आत्महत्या माना था।  और कोर्ट में 636 पेज का चालान पेश किया ‌ हालांकि जांच एजेंसी के साथ लगी कुछ अहम फोन रिकॉर्डिंग अब इस मामले के आगे की जांच का आधार बन गई है।

CBI ने वाॅयस सैंपल लेकर फोरेंसिक जांच को भेजे:
यह रिकॉर्डिंग तृषा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां सेवानिवृत्त जिला और सत्र न्यायाधीश गिरीबाला सिंह के बीच हुई बातचीत बताई जा रही है।
इस बातचीत  में त्विषा शर्मा से जुड़े हुए मामले और उसके साथ कथित प्रताड़ना को लेकर अहम सबूत होने की संभावना बताई जा रही है।‌ रिकॉर्डिंग की आवाज की पुष्टि के लिए सीबीआई ने दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं।
एजेंसी में दोनों आरोपियों के सैंपल और मोबाइल में मिली रिकॉर्डिंग को मिलान के लिए लेबोरेटरी में भेजा है।
रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो सकेगा कि रिकॉर्डिंग में आवाज समर्थ सिंह और गिरीवाला सिंह की है या नहीं।
इसके बाद ही सीबीआई दोनों आरोपियों के खिलाफ पूरक चालान पेश करने की तैयारी में है।  सीबीआई ने कोर्ट में पेश चालान में यह भी बताया है कि त्रिशा के आईफोन और अन्य मोबाइल फोन से मिलने वाला डाटा जांच में अहम सबूत हो सकता है।
किंतु त्विषा के इन उपकरणों का पूरा डाटा रिकवर होकर जांच एजेंसी को अभी नहीं मिला है।  डाटा सामने आने के बाद आरोपियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या नए गवाहों के संबंध में भी जानकारी मिलने की संभावना बताई गई है।  सीबीआई में त्विषा के मोबाइल के अलावा उसके भाई हर्षित शर्मा और पति समर्थ सिंह के मोबाइल फोन की डाटा भी रिकवरी के लिए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है।

CCTV का DVR भी है अहम सबूत:
आरोपियों के घर से बरामद सीसीटीवी का DVR  भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।  अगर सीसीटीवी डेटा में किसी तरह की छेड़छाड़ सामने आती है तो इस पहलू पर भी अलग से जांच की जा सकती है।

त्विषा शर्मा केस में कब हुई थी गिरफ्तारी:
आपको बता दें कि त्विषा शर्मा की 12 मई की रात कटारा हिल्स स्थित ससुराल में मौत हो गई थी । शुरुआती जांच कटारा हिल्स स्थित थाना पुलिस ने की थी । 25 मई को मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था । इसके बाद 28 मई को करीब 8 घंटे की पूछताछ के बाद सीबीआई ने त्विषा शर्मा की सास गिरीबाला सिंह को गिरफ्तार किया था।
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह 2 जून से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है । सीबीआई द्वारा कोर्ट में पेश किया चालान में घटना के बाद समर्थ सिंह के कई दिनों तक गायब रहने का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। FIR  दर्ज होने के बाद और जमानत आवेदन निरस्त होने के बाद समर्थ कहां रहा, इस अवधि को लेकर भी रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी नहीं होने की बात कही जा रही है।  पुलिस ने कई दिन फरार रहने के बाद समर्थ सिंह को 21 मई को जबलपुर हाईकोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया था । अब सीबीआई की नजर वॉयस सैंपल की रिपोर्ट ,मोबाइल ,आईफोन से रिकवर होने वाला डाटा और सीसीटीवी डीवीआर की फोरेंसिक जांच पर आगे बढ़ाया जाएगा।
इन रिपोर्ट्स के आधार पर मामले में आगे की तस्वीर साफ होने पूरक आरोप पत्र के जरिए नए तथ्यों को अदालत के सामने रखने की संभावना है।

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