8 साल में 230 अपराधी ढेर, 142 स्लीपर सेल पकड़े गए
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पिछले आठ वर्षों में अपराध और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाकर राज्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। आतंकियों और दुर्दांत अपराधियों पर नकेल कसते हुए, यूपी पुलिस और एटीएस ने 230 कुख्यात अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर किया, जबकि 142 आतंकी स्लीपर सेल को गिरफ्तार कर उनके नापाक मंसूबों को नाकाम किया। यह कार्रवाई योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जीवंत प्रमाण है।
आतंक के खिलाफ यूपी का दमदार एक्शन
2017 में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से उत्तर प्रदेश में अपराध और आतंकवाद के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई शुरू हुई। पहले जहां आतंकी घटनाएं और अपराधी गतिविधियां आम थीं, वहीं अब यूपी पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने अपराधियों और आतंकियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। एटीएस ने न केवल 142 स्लीपर सेल को ध्वस्त किया, बल्कि 11 टेरर फंडिंग मॉड्यूल को भी पकड़ा, जो आतंकी संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचा रहे थे। इसके अलावा, एक आतंकी को मुठभेड़ में ढेर किया गया, जिससे आतंक के खिलाफ यूपी का संदेश साफ है—अपराध और आतंक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
230 अपराधी मुठभेड़ में ढेर, 8,000 से अधिक घायल
पिछले आठ सालों में यूपी पुलिस ने 230 कुख्यात अपराधियों को मुठभेड़ों में मार गिराया। इनमें से कई ऐसे अपराधी थे, जो लंबे समय से कानून को चुनौती दे रहे थे। इसके साथ ही, 8,118 अपराधी पुलिस की गोली से घायल हुए, और 20,221 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत 79,984 अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जिससे संगठित अपराध पर लगाम लगी। X पर एक यूजर ने लिखा, “योगी सरकार ने यूपी को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में जो किया, वह अभूतपूर्व है।”
स्लीपर सेल पर करारी चोट
उत्तर प्रदेश में आतंकी संगठनों जैसे ISIS और अन्य समूहों के स्लीपर सेल सक्रिय थे, जो बड़े हमलों की साजिश रच रहे थे। यूपी एटीएस ने इन स्लीपर सेल को चिह्नित कर 142 मॉड्यूल को गिरफ्तार किया। इनमें से 131 आतंकियों को पनाह देने वाले नेटवर्क भी शामिल थे। इसके अलावा, रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर भी नजर रखी जा रही है, और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। X पर एक पोस्ट में कहा गया, “योगी सरकार ने आतंकवाद का सफाया कर यूपी को सुरक्षित बनाया।”
जीरो टॉलरेंस: योगी मॉडल की पहचान
योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने न केवल अपराधियों को सबक सिखाया, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भरोसा भी जगाया। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में आतंकी घटनाएं और संगठित अपराध आम थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। पुलिस और एटीएस की सक्रियता के कारण अपराधी खुद थानों में सरेंडर करने को मजबूर हैं। आंकड़ों के अनुसार, अपराध में 85% तक की कमी आई है, जो योगी सरकार की कठोर नीतियों का परिणाम है।
रोहिंग्या और घुसपैठियों पर नकेल
योगी सरकार ने अवैध घुसपैठ पर भी सख्ती बरती है। रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इनमें से कई आतंकी गतिविधियों में शामिल थे या स्लीपर सेल को सहायता प्रदान कर रहे थे। एटीएस की सतर्कता ने इन नेटवर्क को ध्वस्त कर आतंक के खतरे को कम किया है।
प्रशंसकों और आलोचकों की राय
X पर कई यूजर्स ने योगी सरकार की इस कार्रवाई की सराहना की। एक यूजर ने लिखा, “यूपी में आतंक और अपराध पर योगी जी का प्रहार काबिल-ए-तारीफ है।” हालांकि, कुछ आलोचकों ने मुठभेड़ों की संख्या पर सवाल उठाए, लेकिन सरकार का कहना है कि हर कार्रवाई कानून के दायरे में और जनता की सुरक्षा के लिए की गई है।
यूपी का नया चेहरा
योगी सरकार की इन कार्रवाइयों ने उत्तर प्रदेश को एक सुरक्षित और अपराधमुक्त राज्य के रूप में नई पहचान दी है। आतंकवाद और अपराध पर लगाम लगाकर सरकार ने न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि निवेश और विकास के लिए भी अनुकूल माहौल बनाया। यह योगी मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।


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