24 सितंबर 2025 : समाजवादी पार्टी के नेता और मंत्री आजम खान की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही । कल मंगलवार 23 सितंबर को 23 महीने जेल में रहने के बाद सीतापुर जेल से उनकी रिहाई हुई। रिहाई के बाद वे रामपुर पहुंचे । इस बीच समर्थकों की भीड़ और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
अभी आजम खान के 59 मामले सेशन कोर्ट में और 19 मामले मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित हैं। 104 मामलों में फंसे आजम खान को 12 मामलों में अब तक फैसला मिल चुका है । जिनमें से पांच मामलों में सजा हुई है और 7 मामलों में वे बरी हो चुके हैं।
23 महीने जेल में रहने के बाद 23 सितंबर को सीतापुर जेल से रिहा हुए और रिहा होने के बाद उनका काफिला रामपुर पहुंचा।
सीतापुर जेल से निकलकर रामपुर उनका काफिला पहुंचने ही वाला था, तभी सीमा पर यानी बॉर्डर पर ही गाड़ियों के काफिले को पुलिस ने रोक लिया । इस दौरान आजम खान और पुलिस के बीच थोड़ी बहस भी देखने को मिली। इस दौरान उनके दोनों बेटे उनके साथ मौजूद थे और ये लोग पुलिस से भिड़ गए।
पुलिस से भिडने को लेकर पुलिस अधिकारी एक्शन की तैयारी में है। जिससे उन्हें एक बार फिर जेल भेजा जा सकता है । क्योंकि उन्होंने एक बार फिर कानून और पुलिस के काम में बाधा डालने की कोशिश की है।
इससे उनकी मुश्किल अब बढ़ती हुई नजर आ रही है।
क्या है मामला:
आजम खान अपने समर्थकों के साथ 73 गाड़ियों से रामपुर की ओर रवाना हुए।
इसमें पुलिस ने 73 गाड़ियों का चालान काटा और 1,49,000 रूपए का जुर्माना लगा दिया गया। जिससे उनके समर्थकों के विशाल काफिले ने सड़क पर हंगामा मचा दिया।
इंस्पेक्टर फरीद अहमद के अनुसार इतनी अधिक संख्या में गाड़ियों का एक साथ सड़क पर आने से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार आजम खान ने ट्रैफिक नियमों को तोड़ा है।
जिससे 73 गाड़ियों का चालान काटकर 1 लाख 49000 का जुर्माना लगाया गया है।
आजम खान के रिहा होने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी हलचल देखने को मिल रही है अखिलेश यादव ने खुशी जताते हुए योगी सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि आजम खान को झूठे केस में फसाया गया है।
अखिलेश यादव यह संदेश देना चाहते हैं कि समाजवादी पार्टी आजम खान के साथ बराबरी से खड़ी हुई है। और मुसलमान को यह बताने की कोशिश कर रही है कि उनके सबसे बड़े नेता के साथ सरकार कैसा सुलुक कर रही है।


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