31 जुलाई 2026:
दिल्ली:
आईबी ऑफीसर अंकित शर्मा केस:
आईबी ऑफीसर अंकित शर्मा केस में ताहिर हुसैन को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगे के दौरान अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। दिल्ली दंगे के दौरान हुए आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ककडूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित दूसरे अन्य दोषियों की सजा का ऐलान कर दिया गया है । कोर्ट ने पांचो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने हुसैन को आईपीसी की धारा 188, 153 ए ,147 ,148, 149 ,365 और 302 के तहत दोषी ठहराया है।
हालांकि आईसीसी की धारा 120 B और 139 के तहत बरी किया गया था।
कौन थे अंकित शर्मा ,और कैसे हुई उनकी हत्या:
आपको बता दे कि आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़के हुए दंगों के दौरान कर दी गई थी। इधर ताहिर हुसैन ,नाजिम और कासिम को छोड़कर इस मामले में अन्य तीन अभियुक्तियों को जमानत मिल गई। हुसैन की जमानत याचिका पिछले साल सितंबर में हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। यह मामला दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR से संबंधित है । अंकित के पिता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी । दंगों के दौरान जब उनका बेटा लापता हो गया था। तब उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी । बाद में अंकित का शव एक नाले से बरामद हुआ था ।इसके बाद उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाया गया । जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
आपको बता दें कि साल 2020 में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा के बाद 24 फरवरी 2020 को उत्तर पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक जड़ पर हुई जिसमें कम से कम 53 लोग मारे गए और कई घायल हो गए इस दौरान जब अंकित शर्मा आरोपी को शांत करने और कानून हाथ में नहीं लेने का आग्रह कर रहे थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया और उनकी जान लेने के बाद उनका शव नाली में फेंक दिया गया।
पिता ने की शिकायत दर्ज:
उनके पिता ने शिकायत दर्ज कराई अंकित शर्मा जो खुफिया ब्यूरो में अधिकारी थे वे उस दिन शाम लगभग 5:00 बजे किराने का सामान और घरेलू उपयोग की चीजें खरीदने के लिए घर से निकले थे । उनके पिता ने शिकायत दर्ज कराई, कि कई घंटे बीत जाने के बाद भी वह घर नहीं लौटा बाद में उसका शव चंद बाग पुलिया के पास एक नाले में पड़ा मिला। उसके सिर,चेहरे ,छाती ,पीठ , कमर में धारदार हथियारों से गहरे घाव थे। उसके पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बेटे की हत्या के लिए ताहिर हुसैन और उसके साथियों को आरोपी बताया था।
अंकित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला था कि उसके शरीर पर धारदार हथियारों और कुंदबल के कारण 51 छोटे आई थी। मार्च 2023 में ट्रायल कोर्ट ने ताहिर हुसैन ,हसीन, नाजिम, कासिम ,समीर खान ,अनस ,फिरोज, जावेद, गुलफाम ,शोएब आलम और मुन्तज़िम के खिलाफ आरोप तय किये। नाजिम पर शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत भी आरोप लगाए गए थे।
ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी के टिकट पर पार्षद:
ताहिर हुसैन 2017 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीतकर पार्षद बना । वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा स्थित पोरोरा गांव का रहने वाला था। पांच भाइयों में ताहिर हुसैन सबसे बड़ा है और 2017 के चुनावी हलफनामे में उसने 18 करोड़ की संपत्ति घोषित की थी। 2020 में दिल्ली दंगों में ताहिर का नाम आने से आम आदमी पार्टी ने उसे पार्टी से निष्कासित कर दिया था।


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