Share


29 जून 2026 :
उत्तर प्रदेश/ अलीगढ़/

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली तस्वीर सामने आ रही है। इस घटना से पूरी कांग्रेस पार्टी एक कटघरे में खड़ी दिखाई दे रही है।
दरअसल अलीगढ़ के रेलवे रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय में एक समीक्षा बैठक चल रही थी।  किंतु अचानक एक ऐसा हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हुआ की हर शख्स दंग रह गया नेताओं के बीच तीखी बहस थोड़ी ही देर में लात ,घुसों  चप्पलों जूतों की बौछार में बदल गई। यहां कांग्रेस कार्यालय में एक समीक्षा बैठक रखी गई थी, जहां देश के बड़े मुद्दों पर रणनीति बननी थी।  वहां देश के लोकतंत्र की बात करने वाले नेता खुद अपनी मर्यादा भूल गए और यह समीक्षा बैठक किसी मछली बाजार या जंग के मैदान में तब्दील हो गई।

थोड़ी ही देर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खोया अपना आपा:
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और ब्रिज जोन के प्रभारी तौकीर आलम अलीगढ़ पहुंचे थे, यहां एक समीक्षा बैठक होनी थी । बैठक का  मकसद वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी, संगठन को मजबूत करना और देश में चल रहे हालिया पेपर लीक के मामलों जैसे मुद्दों पर चर्चा करनी थी।  इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी थी ,जिसमें कई बड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
बैठक की शुरुआत में माहौल बिल्कुल शांत था । तभी वहां एक सेवा दल के पूर्व सचिव सोनू वाल्मीकि पहुंचते हैं। कुछ नेताओं ने तुरंत आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में बाहरी लोगों की घुसपैठ हुई है। जैसे ही बाहरी व्यक्ति का नाम का आरोप लगाया गया ,वहां मौजूद कांग्रेस के नोएडा प्रभारी आलोक गढ़ ने इसका कड़ा विरोध किया।
तभी थोड़ी ही देर में महानगर उपाध्यक्ष शाहिद गुड्डू और आलोक गॉड के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई।
यह जुबानी जंग तीखी नोक झोक में बदल गई और थोड़ी ही देर में दोनों पक्षों के समर्थक कार्यकर्ता आमने-सामने खड़े हो गए।
इसके बाद सभी कार्यकर्ता मर्यादा की जद से बाहर आ गए। और पार्टी के अनुशासन की धज्जियां उड़ा कर रख दी।
सभी कार्यकर्ता तैश में आ गए और नेताओं ने एक दूसरे पर जूते चप्पलों से हमला करना शुरू कर दिया। वरिष्ठ नेता तौकीर आलम के ठीक सामने अनुशासन की सारी सीमाएं टूट चुकी थी । वहां मौजूद पत्रकारों और कार्यकर्ताओं में अफरातफरी मच गई। तभी किसी ने इस  शर्मनाक घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया और यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया।
इस मारपीट और हंगामे के माहौल को
संभालने की कोशिश की गई किंतु कुछ लोगों को धक्का देकर कार्यालय से बाहर निकालने की कोशिश की गई।
कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने तभी इस मामले को रफा दफा करने हेतु एक अजीबोगरीब बयान भी दे डाला।  महानगर उपाध्यक्ष नावेद खान ने कहा कि हंगामा करने वाला व्यक्ति पार्टी का सदस्य नहीं था । वह आरएसएस का कार्यकर्ता था, जो माहौल को खराब करने की साजिश हेतु अंदर घुसा था।
किंतु यह बात भी सामने आ रही है कि कार्यकर्ताओं के बीच किसी पुराने कैंडल मार्च को लेकर विवाद शुरू हुआ।  पहले कहा सुनी हुई और फिर इस मीटिंग में फूट पड़ गई।

प्रभारी तौकीर आलम  इस पूरे घटनाक्रम से बेहद दराज दिखाई दिए।
कांग्रेस के पूर्व विधायक विवेक बंसल ने इस घटना को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।  उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  मामले की जांच लगातार जारी है । जो भी दोषी निकलेगा, उसके खिलाफ संगठनात्मक रूप से कार्रवाई की जाएगी।
बहरहाल इस मारपीट की घटना ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया है। जब पार्टी के कार्यकर्ता ही आपस में मारपीट करेंगे तो जनता को क्या संदेश जाएगा।


Share