15 जुलाई 2026 :
मध्य प्रदेश/भोपाल/
मप्र में मेडिकल कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया में पहली बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इसके लिए मध्य प्रदेश की राज्य सरकार 2026 के नए प्रवेश नियम तैयार कर रही है, जिनमें एमबीबीएस और पीजी प्रवेश के लिए अलग-अलग नियम निर्धारित किए गए हैं । इसके साथ ही NRI कोटे के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए पात्रता शर्ते सख्त की जा रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर अब ब्लड रिलेशन तय किये गए हैं। अभी तक सिर्फ एनआरआई को रिश्तेदार बताकर एनआरआई सीट रिजल्ट की जाती थी किंतु अब किसी एनआरआई रिश्तेदार का नाम बताकर प्रवेश नहीं मिल सकेगा। उम्मीदवार को यह साबित करना होगा कि संबंधित एनआरआई उसका कानूनी अभिभावक है। इसके लिए शपथ-पत्र के साथ गार्जियन एंड वार्ड्स एक्ट, 1890 के तहत अभिभावक होने का प्रमाण देना होगा। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी की सिफारिश के आधार पर यह व्यवस्था 2026-27 की नीट-यूजी और पीजी काउंसलिंग में लागू करने की तैयारी है। प्रस्ताव को डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है और इसे कानूनी अभिमत के लिए भेजा गया है।
एनआरआई कोटे का लाभ किसे मिलेगा : सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार, एनआरआई कोटे का लाभ सिर्फ उस उम्मीदवार को मिल सकेगा जिसके माता या पिता NRI हों, या सगा भाई या सगी बहन एनआरआई हो। चाचा-चाची, मामा-मामी, दादा-दादी, या प्रथम श्रेणी के चचेरे ममेरे भाई-बहन आधार बन सकते हैं, लेकिन संबंधित व्यक्ति स्वयं एनआरआई हो या विदेश में रहता हो।
बड़ा बदलावः सीएलसी ऑनलाइन करने की तैयारी
प्रथम और द्वितीय राउंड के बाद बची सीटों के लिए होने वाली कॉलेज लेवल काउंसिलिंग अब ऑनलाइन कराई जा सकती है। सीट ब्लॉक कर छोड़ने या बीच में कोर्स छोड़ने पर सीट लीविंग बॉन्ड के तहत जुर्माना लगाने के नियम स्पष्ट किए जाएंगे।


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