27 अप्रैल 2026

भोपाल:
भोपाल के गोविंदपुरा इलाके से एक डराने वाली खबर सामने आई है। यहाँ अन्ना नगर के पास स्थित नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन में शनिवार रात करीब 12:30 बजे भीषण आग लग गई। आग इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते उसने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।
गहरी नींद में थे कर्मचारी
हादसे के वक्त ट्रांसफर स्टेशन के अंदर कई कर्मचारी सो रहे थे। आग की आहट सुनकर सबसे पहले गेट पर तैनात कर्मचारी की नींद खुली। जब उसने अंदर जाकर देखा तो स्थिति भयावह थी। उसने तुरंत दौड़कर अंदर सो रहे अपने अन्य साथियों को जगाया और समय रहते सबको बाहर निकाल लिया। चश्मदीदों का कहना है कि अगर जगाने में थोड़ी भी देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि कुछ ही देर में वह जगह आग के गोले में बदल गई थी।
150 टन पुराने कपड़े और कचरा जलकर खाक
बताया जा रहा है कि इस स्टेशन पर करीब 150 टन पुराने कपड़ों का ढेर और 25 टन अन्य कचरा रखा हुआ था। यहाँ की रिसाइक्लिंग यूनिट पिछले एक महीने से बंद पड़ी थी, जिसमें अचानक आग भड़क उठी। आग लगने की सूचना पास से गुजर रहे अन्ना नगर निवासी आरिफ खान ने फायर कंट्रोल रूम को दी।
10 घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
सूचना मिलते ही शहर के अलग-अलग 11 फायर स्टेशनों (पुलबोगदा, फतेहगढ़, गोविंदपुरा, माता मंदिर आदि) से 15 से ज्यादा दमकलें मौके पर पहुंचीं। करीब 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रविवार सुबह 10 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। नगर निगम के फायर अधिकारी सौरभ पटेल ने बताया कि आग बुझाने के लिए भेल (BHEL) की दमकलों की भी मदद ली गई।
रहवासी इलाके के बेहद करीब है स्टेशन
यह कचरा स्टेशन अन्ना नगर की घनी बस्ती से महज 100 मीटर की दूरी पर है। रात के अंधेरे में आग की ऊँची लपटें देखकर आसपास के रहवासियों में दहशत फैल गई और लोग डर के मारे रात भर जागते रहे। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
आग लगने का कारण अब भी रहस्य
फिलहाल आग लगने की असल वजह सामने नहीं आई है। पुलिस और नगर निगम की टीम मामले की जांच कर रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग किसी लापरवाही की वजह से लगी या इसके पीछे कोई और कारण था।
इस घटना ने एक बार फिर कचरा प्लांटों में सुरक्षा इंतजामों और बंद पड़ी यूनिटों के रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।