गैराज में लगी भीषण आग – हादसा या साजिश:
संवाददाता
31 January 2026
अपडेटेड: 4:44 PM 0stGMT+0530
भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जेल रोड के पास एक ऑटोमोबाइल शॉप में कल सुबह 5:30 बजे भीषण आग लग गई।क्ष इस घटना में सात कार सहित दुकान का कीमती सामान जलकर खाक हो गया।
इस आगजनी से लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। दुकानदार ने इसे साजिश करार दिया है और पुलिस से जांच की मांग की है ।
निशातपुरा थाने की पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह महाकाल ऑटोमोबाइल शॉप में आग लगने की सूचना मिली । आग की सूचना पर गांधीनगर छोला रोड और बैरागढ़ की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और 1 घंटे की मशक्कत के बाद उन्होंने आग पर काबू पाया। पुलिस का कहना है की शॉप के संचालक सिद्धार्थ मिश्रा ने आरोप लगाए हैं कि उनकी दुकान में आग लगाने की साजिश की गई है। दुकान में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे भी जल गए हैं । ऐसे में दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से जानकारी सामने आ सकती है।
यह गैराज करोंद चौराहा से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित है। इस आग में करीब 35 लिख रुपए से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया ।
गैरेज के संचालक सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि उन्होंने यह गैराज 6 महीने पहले पाई पाई जोड़कर तैयार किया था । शुक्रवार सुबह उनकी शॉप के पास ही स्थित मार्बल शॉप के गार्ड ने उन्हें फोन करके आग लगने की सूचना दी । वे तुरंत घर से निकले और रास्ते में ही उन्होंने फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी ।
वह 7 मिनट के अंदर ही गैरेज तक पहुंच गए तब तक आग फैल चुकी थी और बाहर खड़ी कारों में भी आज लग गई थी।
फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में 15 से 20 मिनट तक समय लगा तब तक 7 कारें चल चुकी थी। इस घटना के बाद वहां रहने वाले लोग घरों से बाहर निकल आए और कुछ स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास भी किया। लेकिन आग की तीव्रता अधिक होने के कारण लोग सफल नहीं हो सके और फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक लोग दहशत के माहौल में रहे।
गैरेज के संचालक ने बताया कि 6 महीने पहले ही उन्होंने पूरा इलेक्ट्रिकल सेटअप नया लगवाया है। 16 एमसीवी और हैवी ग्रिप वायरिंग के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे फॉल्ट होने की संभावना नहीं है क्योंकि फॉल्ट होता तो एमसीवी गिर जाती।
क्या मिल सकता है बीमा क्लेम:
इस घटना में जो वाहन जले हैं उन्हें बीमा कंपनी से मुआवजा मिल सकता है । लेकिन जिन वाहन मालिकों के पास केवल थर्ड पार्टी इंश्योरेंस है ,उन्हें कोई मदद नहीं मिलेगी । ऐसे मामलों में उन्हें गैरेज के मालिक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करानी होगी। बीमा कंपनियां पहले पुलिस और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार करेंगे यदि गैरेज के मालिक की लापरवाही मिलती है तो क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है।