26 सितंबर 2025: भोपाल के गोविंदपुरा तहसील में तैनात नायब तहसीलदार दिनेश साहू की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई।
उनकी मृत्यु ड्यूटी के दौरान हुई।
वे पूर्व चुनाव आयुक्त ओपी रावत की एयरपोर्ट ड्यूटी पर तैनात थे । इसी दौरान उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ और वह अपने कार में ही गिर पड़े।
जहां लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया । डॉक्टर ने उन्हें घोषित कर दिया।
पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत की गुरुवार दोपहर 12:45 पर मुंबई के लिए फ्लाइट थी । जिसमें नायब तहसीलदार दिनेश साहू को लाॅयजनिंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया था। दिनेश साहू भोपाल के ही रहने वाले थे । उनके दो बेटे थे ।दिनेश साहू राजस्व निरीक्षक के पद से नायब तहसीलदार के पद पर 2 साल पहले ही पदोन्नत हुए थे।
और गोविंदपुरा तहसील में कार्यरत थे।
एयरपोर्ट के डायरेक्टर राम जी अवस्थी ने बताया कि सीने में दर्द के बाद एयरपोर्ट पर ही उन्हें सीपीआर दिया गया और तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल पहुंचने के पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि साहू को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।
अटकलें कई तरह की:
गोविंदपुरा और हुजूर विधानसभा में मछली परिवार की कई संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों की जांच और कार्रवाई में वे मुख्य रूप से अग्रणी भूमिका निभा रहे थे। हताई खेड़ा में कब्रिस्तान विवाद को निपटाने की भी जिम्मेदारी उन पर ही थी।
इन पर कार्रवाई करने हेतु पुलिस बल भी उन्हें दिया गया था।
ड्यूटी के दौरान आया अटैक:
गोविंदपुरा नजूल क्षेत्र के नायब तहसीलदार दिनेश साहू की एयरपोर्ट पर वीआईपी प्रोटोकॉल ड्यूटी के दौरान ही हार्ट अटैक आया । अभी उनकी उम्र 58 वर्ष थी । 2 माह पहले ही उनका ट्रांसफर टीकमगढ़ से भोपाल हुआ था । मूल रूप से वे राजगढ़ के खिलचीपुर के रहने वाले थे फिलहाल भोपाल में ही उनका घर था।
पूर्व में नहीं थी कोई हृदय संबंधी बीमारी:
साथ के कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें हृदय रोग से जुड़ी कोई समस्या नहीं थे ,वह पूरी तरह स्वस्थ थे। प्रोटोकॉल की ड्यूटी के चलते सुबह से ही दौड़ शुरू हो जाती है । कई बार रात में भी ड्यूटी पर रहना पड़ता है। फिर भी वह काफी सक्रिय थे । एयरपोर्ट से लेकर वल्लभ भवन और अन्य प्रशासनिक कार्यालय एवं क्षेत्र में पूरे समय आवाजाही, भाग दौड़ और बैठकें होती रहती हैं। जिले के 25 तहसीलदार और नायब तहसीलदार में से 60 फ़ीसदी इसी प्रकार की प्रोटोकॉल ड्यूटी पर रहते हैं।
सुबह करीब 11:00 बजे उन्हें सीने में दर्द हुआ और वह बेहोश हो गए। उन्हें एयरपोर्ट अस्पताल की एंबुलेंस से निजी अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक इलाज शुरू किया गया। किंतु अस्पताल ले जाने के पहले ही उनका निधन हो चुका था।


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