ग्वालियर – 48 साल पुराने भूमि विवाद पर हाईकोर्ट का फैसला:लीज अवधि खत्म होने पर नगरनिगम को कारवाई की थी अनुमति
संवाददाता
31 December 2025
अपडेटेड: 4:30 PM 0thGMT+0530
ग्वालियर में एक नेचुरोपैथी अस्पताल के सामने की जमीन को लेकर विवाद पर हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है… यह विवाद करीब 48 साल पुराना है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि लीज की अवधि समाप्त होने के बाद जमीन पर कब्जा करके रखना गैरकानूनी है…
हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के फैसले को सही ठहराया है और अपीलकर्ताओं के द्वारा दी गई दूसरी अपील खारिज कर दी है… इसके साथ ही नगर निगम ग्वालियर को कानून के अनुसार जमीन पर कार्रवाई करने की पूरी छूट दी गई है… ये विवाद 3161.6 वर्गफुट खुली जमीन को लेकर था…
इस मामले में डॉ. मणिकांत शर्मा के वारिसों ने नगर निगम के खिलाफ अपील दायर की थी… उनका दावा था कि यह जमीन उनके पिता को लीज पर दी गई थी और बाद में इसका नवीनीकरण भी किया गया था। किंतु सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आये कि लीज की अवधि केवल 31 मार्च 1977 तक ही वैध थी… और अपीलकर्ता इसके बाद लीज नवीनीकरण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके… अपीलकर्ताओं के वकील ने भी अदालत में स्वीकार किया कि लीज बढ़ाने के कोई प्रमाण या कोई दस्तावेज मौजूद नहीं हैं… कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि मान भी लिया जाए कि 1976 में लीज को 30 साल के लिए बढ़ाया गया था, तो भी वह 2007 में ये लीज समाप्त हो जाती… इसके बाद भी जमीन पर कब्जा अतिक्रमण की श्रेणी में आता है… इस फैसले के बाद नगर निगम अब इस जमीन पर नियम के अनुसार कार्रवाई कर सकेगा, जिससे लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद पर विराम लग गया है…