23 अप्रैल 2026
भोपाल:

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल संरक्षण को लेकर एक बड़ा आह्वान किया है। मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ सरकार की हालिया उपलब्धियों को साझा किया और बताया कि कैसे जल संरक्षण को एक जन-अभियान बनाकर राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जल स्रोतों को बचाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी अनिवार्य है।
जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश नंबर 3 पर
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया है। यह सफलता राज्य सरकार और प्रदेश की जनता के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। जल संरक्षण के कार्यों के लिए लगभग 6 हजार 278 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 2 हजार 44 लाख रुपये के कार्यों पर काम तेजी से शुरू भी हो चुका है। सरकार का लक्ष्य हर गांव और शहर में जल संकट को दूर करना है।

अमरकंटक के संरक्षण पर विशेष ध्यान
नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अमरकंटक की पवित्रता और वहां के पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए इसे ‘नो मूवमेंट-नो कंस्ट्रक्शन जोन’ बनाने की जरूरत है। इसका उद्देश्य प्रकृति की गोद में बसे इस आध्यात्मिक केंद्र की शांति और हरियाली को सुरक्षित रखना है। इसके लिए सरकार हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।
शिक्षा और छात्र हित में बड़े कदम
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में मिली उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को घोषित हुए 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम पिछले 16 वर्षों में सबसे शानदार रहे हैं। इसके अलावा, जो छात्र किसी कारणवश इन परीक्षाओं में सफल नहीं हो पाए, उनके लिए ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत 7 से 25 मई तक दूसरा अवसर दिया जा रहा है। सरकार का यह कदम बच्चों के भविष्य को बचाने और उनके साल को बर्बाद होने से रोकने के लिए उठाया गया है।

जनजातीय विकास और पर्यटन को बढ़ावा
मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और जनजातीय विरासत को संजोने के लिए सरकार पर्यटन पर भी विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने से न केवल वहां की संस्कृति का प्रचार होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान
मुख्यमंत्री ने ‘संकल्प से समाधान’ अभियान की सफलता की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से जनता की लगभग 99.90 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण कर लिया गया है। सरकार की कोशिश है कि प्रशासन में पारदर्शिता बनी रहे और आम जनता की समस्याओं का समय पर समाधान हो।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आगामी जनगणना और नारी शक्ति को लेकर होने वाले विशेष आयोजनों पर भी चर्चा की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर सक्रियता से काम कर रही है।