ट्रेड डील पर बड़ी जीत: टैरिफ की तनातनी में पेनल्टी हुई खत्म:
सिर्फ 18% टैरिफ:
संवाददाता
3 February 2026
अपडेटेड: 3:30 PM 0rdGMT+0530
भारत अमेरिका व्यापार समझौता हुआ लागू:
ट्रेड डील पर हुई बड़ी जीत:
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही टैरिफ की तनातनी अब खत्म हो गई है भारतीय सामानों पर अब अमेरिका में 50% के बजाय केवल 18% ही टैरिफ लगेगा।
यूरोपीय यूनियन से भारत के व्यापार समझौते के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नरमी दिखाते हुए जय हिंद कहा ।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सोमवार को फोन पर बात की और सोशल मीडिया पर भारत से व्यापार समझौते पर सहमति और भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 25% से घटकर 18% करने की घोषणा की । यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
व्हाइट हाउस से आई घोषणा:
इसके कुछ ही देर बाद व्हाइट हाउस से भी यह खबर निकल कर आई कि रूसी तेल खरीद पर लगा 25 प्रतिशत पेनल्टी टैरिफ भी हटा दिया जाएगा।
इस घोषणा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्रंप की घोषणा का स्वागत करते हुए खुशी जताई और धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं ने एक दूसरे की जमकर तारीफ की। इस समझौते की घोषणा से दोनों देशों में व्यापार की अनिश्चितता समाप्त होगी और निर्यातकों को लाभ होगा।
ट्रंप ने मोदी को प्रिय मित्र कहा -यह समझौता मित्रता के कारण किया गया:
समझौते की घोषणा के बाद नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सेर्जियो गौर ने कहा कि ट्रंप पेनल्टी टैरिफ हटाने पर सहमत हो गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप मोदी को करीबी मित्र समझते हैं और इस व्यापार समझौते की खबर से वह बेहद उत्साहित हैं । ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका और भारत के रिश्तों में असीम संभावनाएं हैं।
कंपनी कहा भारत के साथ हमारे अद्भुत संबंध हैं जो आगे चलकर और भी मजबूत होंगे।
पेनल्टी खत्म -टैरिफ अब सिर्फ18% !
कंपनी अपने सोशल मीडिया ट्रुथ पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात है वह मेरे करीबी मित्र हैं और देश के शक्तिशाली और सम्मानित नेता है।
ट्रंप ने अप्रैल 2025 में भारत पर 25% रिसिप्रोकल टैरिफ लगाया था और फिर अगस्त में 25% पेनल्टी का भी ऐलान किया था।
दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता क्रिस एलम्स ने कहा कि भारत पर कल टैरिफ 18% होगा। रूस से तेल लेने पर भी 25% पेनल्टी हटाई जा रही है।
इससे पहले सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग पोस्ट में नई दिल्ली के इंडिया गेट की फोटो और एक मैग्जीन के कवर पेज की फोटो सजा की गई इस कवर पेज पर मोदी और ट्रंप की फोटो के साथ लिखा है दम ओवर एंड द शहर प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया गेट को शानदार बताते हुए कहा कि अमेरिका में सबसे खूबसूरत गेट बनेगा।
मोदी कंपनी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात है व्यापार और यूक्रेन युद्ध समाप्त करने सहित उन्होंने कई विषयों पर चर्चा की उन्होंने रूसी तेल खरीद बंद करने अमेरिका वेनेजुएला से ज्यादा तेल लेने पर सहमति हुई इस यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की प्रिय मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करके अच्छा लगा। उन्हें बेहद खुशी हुई कि अब मेड इन इंडिया प्रोडक्ट पर अमेरिका में टैरिफ घटकर 18 फ़ीसदी हो जाएगा । इस घोषणा के बाद भारत की 140 करोड़ जनता की ओर से ट्रंप को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ मिलकर काम करते हैं तो इससे लाभ होता है और पारस्परिक सहयोग से अपार अवसर के रास्ते खुलते हैं।
ट्रंप का दावा रुस से नहीं खरीदेगा तेल- भारत:
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा जताया है कि भारत ने रुस से तेल खरीदना बंद करने हेतु सहमति देवी है इसके साथ ही अमेरिका पर टैरिफ हटाने की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया है और 500 अरब डॉलर से अधिक की ऊर्जा प्रौद्योगिकी कृषि उत्पाद खरीदने पर प्रतिबद्धता जताई है।
भारत ने नहीं दी है अभी तक कोई प्रतिक्रिया:
डोनाल्ड ट्रंप के इन दावों पर भारत ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भारत का रूस से तेल की खरीद तत्काल बंद करने से देश की इकोनामिक ग्रोथ प्रभावित होगी और महंगाई पर इसका असर हो सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले कुछ महीनो में भारत तेल की खरीद कम कर सकता है । क्योंकि रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड सप्लायर बना हुआ है।
विदेश मंत्री जयशंकर वाशिंगटन के लिए हुए रवाना:
विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को चार दिवसीय वाशिंगटन यात्रा पर रवाना हो गए हैं जो वहां क्रिटिकल मिनरल पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की ओर से आयोजित बैठक में शामिल होंगे इस दौरान में अन्य नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।
इधर अश्विनी वैष्णव केंद्रीय मंत्री का कहना है कि दोनों देशों के नागरिकों और उद्योगों के लिए यह एक बेहतर स्थिति है । दोनों की ताकत एक दूसरे की पूरक है। यह समझौता दोनों देशों के लिए उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।