12 मई 2026
भोपाल:
मध्य प्रदेश सरकार ने बंद पड़े यूनियन कार्बाइड कारखाने के परिसर को पूरी तरह जहर मुक्त करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है। इस “जहर मुक्त रिहैबिलिटेशन प्लान” पर लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कदम 13 मार्च 2026 को हाई कोर्ट द्वारा दिए गए सख्त आदेश के बाद उठाया गया है।
सफाई की वैज्ञानिक प्रक्रिया:
यह सफाई अभियान बेहद आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से चलाया जाएगा:
मिट्टी की धुलाई: जहरीली मिट्टी को साफ करने के लिए ‘सॉइल वॉशिंग’ और ‘केमिकल ऑक्सीडेशन’ जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होगा। एक विशेषज्ञ एजेंसी पहले यह जांच करेगी कि जहर जमीन में कितनी गहराई तक फैला है।
भूजल का शुद्धिकरण: जमीन के नीचे के प्रदूषित पानी को साफ करने के लिए ‘पंप एंड ट्रीट’ विधि अपनाई जाएगी। इससे पानी से घातक रसायनों को निकालकर उसे फिल्टर किया जाएगा।
यह पूरा काम केंद्र सरकार के नए पर्यावरण नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत होगा।
परिसर का भविष्य: हिरोशिमा-नागासाकी की तर्ज पर स्मारक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसी वर्ष 17 जनवरी को परिसर का दौरा किया था। सरकार की योजना इस स्थान पर 1200 करोड़ रुपये की लागत से हिरोशिमा-नागासाकी की तर्ज पर एक भव्य स्मारक बनाने की है। इस स्मारक के बनने से न केवल परिसर की सफाई होगी, बल्कि आसपास की बस्तियों के भूजल में फैल रहे जहर पर भी हमेशा के लिए रोक लग जाएगी।
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के संचालक आदित्य सिंह के अनुसार, इस मास्टर प्लान का उद्देश्य मिट्टी और पानी में मौजूद प्रदूषण का सटीक आकलन कर उसे पूरी तरह खत्म करना है। सफाई के बाद इस जमीन का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
यह पहल भोपाल के उन हजारों लोगों के लिए एक बड़ी उम्मीद है जो दशकों से इस जहरीले कचरे के दुष्प्रभावों को झेल रहे हैं।


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