19 मई 2026:
खबर प्रधान डेस्क:
देश में आज से पेट्रोल और डीजल 90 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है ‌। दामों में यह बढ़ोतरी 5 दिन में दूसरी बार की गई है। इसके पहले 15 मई को 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।

कीमतों में बढ़ोतरी की वजह:
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव होना है । पश्चिम एशिया में उथल-पुथल मची हुई है ईरान और अमेरिका में जंग के कारण  क्रूड ऑयल के दाम $70 से $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।
क्रूड की तेल की कीमत बढ़ने से तेल कंपनियों पर भारी दबाव था । इसलिए कंपनियों ने इस घाटे की भरपाई करने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है।  यदि कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक यह तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें और भी ज्यादा बढ़ सकती है।
आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर ही देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं । सरकारी तेल कंपनियों जैसे डेली प्राइस रिवीजन यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के अंतर्गत हर दिन सुबह 6:00 बजे यह रेट अपडेट किए जाते हैं। और इसके अलावा कई तरह के टैक्स और खर्च मिलने के बाद तेल की निश्चित कीमत उपभोक्ता तक पहुंचती है।
क्रूड ऑयल में रिफायनिंग एक्साइज ड्यूटी और वैट के हिसाब से तय होती है कीमतें:
भारत करीब 90% क्रूड ऑयल विदेश से मांगता है और इस कच्चे तेल को देश की रिफाइनरी में साफ करके पेट्रोल और डीजल बनाया जाता है।  इसमें रिफायनिंग की लागत और कंपनियों का मार्जिन भी शामिल होता है। अब रिफाइनरी से निकलने के बाद केंद्र सरकार इसमें एक्साइज ड्यूटी और रोड सेस लगाती है, जो देश भर में सभी राज्यों के लिए एक समान होता है।
यह तेल कंपनियां जिन दामों पर पेट्रोल पंप के मालिकों को ईंधन भेजतीं हैं ,उसमें सभी डीलर्स अपना अपना निश्चित कमीशन जोड़ लेते हैं और इसलिए पेट्रोल और डीजल के लिए अलग-अलग दाम तय होते हैं। इसके बाद सबसे अंत में राज्य सरकार अपने हिसाब से लोकल सेल्स टैक्स लगाती हैं । जिसमें हर राज्य की वैट दरें अलग-अलग होती हैं । इस कारण अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमत भी अलग-अलग हो जाती है।
पड़ोसी देश में भी तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी:
पश्चिम एशिया युद्ध की स्थितियों के कारण तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।  जिसके कारण हमारे आसपास के पड़ोसी देशों में भी जैसे  पाकिस्तान, नेपाल ,श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में पेट्रोल डीजल की कीमत 15 से 20% तक बढ़ चुकी हैं। भारत में इस स्तर का बढ़ोतरी नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी -ईंधन का इस्तेमाल संयम से करें!
आप सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना में कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया युद्ध की स्थितियों के हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों को जरूरत के हिसाब से खर्च करने की सलाह दी थी।  आज समय की ये मांग भी है कि पेट्रोल और डीजल संयम से इस्तेमाल किया जाए‌  जिससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी बल्कि युद्ध का प्रतिकूल असर हमारे देश में कम प्रभावित होंगे।