12 मई 2026
नई दिल्ली:
हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने एक दावा किया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने युद्ध रुकवाने के लिए अमेरिका से मदद माँगी थी। लेकिन अब अमेरिकी लॉबिंग के आधिकारिक रिकॉर्ड्स ने उनके इस दावे की हवा निकाल दी है। रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि असल में पाकिस्तान ने ही तीन दिनों के भीतर 60 बार अमेरिका से संपर्क कर युद्ध रुकवाने की गुहार लगाई थी।
रिकॉर्ड्स में क्या आया सामने?
विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (FARA) के तहत अमेरिका में जो फाइलें दर्ज हुई हैं, उनसे एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। रिकॉर्ड के मुताबिक:
6 से 9 मई, 2025 के बीच पाकिस्तान ने अमेरिकी सांसदों, उनके सहयोगियों, रक्षा विशेषज्ञों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और पत्रकारों से 60 बार संपर्क किया।
सिर्फ 6 मई को, जब भारत ने अपना ऑपरेशन शुरू किया, पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने वॉशिंगटन डीसी में लगभग 30 अलग-अलग जगहों पर बातचीत की कोशिश की।
असीम मुनीर का दावा बनाम हकीकत
पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने रावलपिंडी में एक समारोह के दौरान कहा था कि भारत ने अमेरिकी नेतृत्व के जरिए मध्यस्थता की इच्छा जताई थी, जिसे पाकिस्तान ने शांति के हित में मान लिया। हालांकि, अमेरिकी रिकॉर्ड्स बताते हैं कि ऑपरेशन शुरू होने के बाद वॉशिंगटन में भारत की ओर से रक्षा या कूटनीति से जुड़ी ऐसी कोई गतिविधि नहीं देखी गई।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
यह ऑपरेशन भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया था। भारत का मकसद पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर में चल रहे आतंकी शिविरों को नष्ट करना था।
भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 6 और 7 मई, 2025 की रात को सेना ने आतंकियों के 9 ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।
भारत ने साफ कर दिया था कि यह ऑपरेशन आतंकियों को खत्म करने के लिए है।
इन खुलासों से साफ है कि जब भारतीय सेना आतंकियों पर प्रहार कर रही थी, तब इस्लामाबाद दबाव में था और प्रभावशाली अमेरिकी हस्तियों के जरिए कूटनीतिक समर्थन जुटाने की जी-तोड़ कोशिश कर रहा था।


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