बेमौसम बारिश और ओलों का क़हर: बैतूल-ग्वालियर में गेहूं की फ़सल बर्बाद, बिजली गिरने से 4 मौतें
संवाददाता
5 April 2026
अपडेटेड: 3:16 PM 0thGMT+0530
5 अप्रैल 2026
भोपाल:
मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है और इस बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। अचानक हुई ओलावृष्टि (ओलों की बारिश) और तेज़ हवाओं के कारण कई ज़िलों में तैयार खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। सबसे ज़्यादा बुरा हाल बैतूल और ग्वालियर का है, जहाँ ओलों की मार से गेहूं की फसल खेतों में ही बिछ गई है।
मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि आने वाले दिनों में मौसम खराब रह सकता है और उसका असर साफ़ देखने को मिल रहा है। शनिवार को बैतूल, सीहोर, ग्वालियर और आसपास के इलाक़ों में ज़ोरदार आँधी-बारिश हुई। कई जगहों पर बड़े-बड़े ओले गिरे, जिससे किसानों को भारी नुक़सान पहुँचा है।
मुलताई: बेर के आकार के ओले, सड़कें हुईं सफ़ेद
बैतूल ज़िले के मुलताई और डहुआ क्षेत्र में शनिवार शाम को क़रीब 4 बजे से तेज़ ओलावृष्टि शुरू हो गई। देखते ही देखते सड़कों पर बेर के आकार के ओलों की चादर बिछ गई। यहाँ तक कि मुलताई की मुख्य सड़कें ओलों के कारण पूरी तरह सफ़ेद नज़र आने लगीं। तेज़ हवाओं के साथ गिरे ओलों ने खड़ी फसलों को तहस-नहस कर दिया। किसान अपनी मेहनत को अपनी आँखों के सामने बर्बाद होता देख लाचार नज़र आए।
ग्वालियर: डेढ़ घंटे की बारिश और ओलों ने मचाई तबाही
ग्वालियर में भी शनिवार दोपहर को अचानक मौसम बदला और तेज़ बारिश के साथ ज़ोरदार ओलावृष्टि हुई। क़रीब डेढ़ घंटे तक चली बारिश ने पूरे शहर को भिगो दिया। इस दौरान लगभग 28.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लेकिन सबसे ज़्यादा नुक़सान बारिश के साथ गिरे बेर के बराबर ओलों ने पहुँचाया। बारिश के दौरान क़रीब 15 मिनट तक बड़े-बड़े ओले गिरते रहे, जिससे पेड़ के पत्ते टूटकर सड़कों पर गिर गए। शाम को एक बार फिर ओलों की तेज़ बौछार के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे नुक़सान और बढ़ गया।
मुरार विकासखंड के गाँव इकाहरा, भुमियां का पूरा और उसके आसपास के गाँवों में तेज़ बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल खेतों में पूरी तरह बिछ गई है। किसानों का कहना है कि अब उन्हें अपनी फसलों से कुछ मिलने की उम्मीद बहुत कम है।
बिजली गिरने से चार लोगों की मौत: सीवनी और रीवा से दुखद ख़बरें
खराब मौसम का असर सिर्फ़ फसलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने कई परिवारों को भी गहरे दुख में डाल दिया है। सीवनी और रीवा ज़िलों में आसमानी बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कुल चार लोगों की मौत हो गई है।
इससे पहले शुक्रवार रात को सीवनी ज़िले में बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई थी। मृतकों की पहचान 6 वर्षीय प्रियांश और डंडासिवनी के रमजान खान के रूप में हुई है।
वहीं रीवा ज़िले के हरदिहा गाँव से भी दिल दहला देने वाली ख़बर सामने आई है, जहाँ बिजली गिरने से भाई-बहन की मौत हो गई।
इसके अलावा, रायसेन ज़िले में भी मौसम का असर फसलों पर साफ़ देखने को मिला है। रायपुर और मनियाखेड़ी रोड के पास के खेतों में गेहूं की फसल खराब हो गई है, जिससे किसानों को भारी नुक़सान उठाना पड़ा है।
बुंदेलखंड और बघेलखंड में भी भारी नुक़सान: किसानों की उम्मीदें टूटीं
बुंदेलखंड और बघेलखंड के ज़िलों में भी मौसम के इस बदले रुख़ ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना के मुताबिक़, इन ज़िलों में अभी गेहूं की कटाई चल रही थी, लेकिन बारिश, आँधी और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुक़सान पहुँचाया है।
ओलों की मार से गेहूं की गुणवत्ता भी खराब हो गई है और अब उन्हें उचित दाम मिलने की संभावना कम ही नज़र आ रही है। किसानों का कहना है कि सरकार को इस नुक़सान का सर्वेक्षण करवाकर उन्हें उचित मुआवज़ा देना चाहिए, ताकि वे इस आर्थिक संकट से उबर सकें।