28 अप्रैल 2026
नई दिल्ली:
भारतीय व्यापार और निर्यात जगत के लिए एक बहुत अच्छी खबर सामने आई है। भारत ने सोमवार को विकसित देश न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस समझौते का सीधा मतलब यह है कि अब न्यूजीलैंड के बाजारों में भारतीय सामान बिना किसी भारी टैक्स के बिक सकेंगे, जिससे देश के निर्यात को बड़ी मजबूती मिलेगी।
किन चीजों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस समझौते के बाद न्यूजीलैंड में भारत की अधिकतर वस्तुएं ‘जीरो टैक्स’ (शून्य शुल्क) पर जा सकेंगी। इससे मुख्य रूप से इन क्षेत्रों को लाभ होगा:
* टेक्सटाइल (कपड़ा उद्योग) और लेदर गुड्स।
* इलेक्ट्रॉनिक्स और केमिकल्स।
* इंजीनियरिंग गुड्स और फार्मास्यूटिकल्स।
साथ ही, सर्विस सेक्टर में भी बड़ी राहत मिली है। अब 100 से ज्यादा सर्विस सेक्टर्स में भारतीय युवाओं के लिए न्यूजीलैंड जाकर काम करने के रास्ते आसान होंगे।
न्यूजीलैंड से क्या आएगा भारत?
समझौते के तहत न्यूजीलैंड भी अपने खास उत्पाद जैसे सेब, कीवी और मनका शहद भारत को कम टैक्स पर भेज सकेगा। हालांकि, इनके लिए एक निश्चित मूल्य और कोटा तय किया गया है ताकि भारतीय किसानों के हितों की रक्षा की जा सके। इसके अलावा, न्यूजीलैंड भारतीय किसानों को इन फलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए तकनीकी मदद भी देगा।
व्यापार के बड़े आंकड़े और लक्ष्य
इस समझौते से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं:
* वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 2.4 अरब डॉलर का है, जिसे 2030 तक 5 अरब डॉलर पहुँचाने का लक्ष्य है।
* भारत अब अपने 8,284 से ज्यादा उत्पादों को बिना किसी शुल्क के न्यूजीलैंड भेज पाएगा।
* शुरुआत में ही भारत के 70 प्रतिशत उत्पाद बिना किसी टैक्स के न्यूजीलैंड पहुँच सकेंगे।
* न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा।
दिग्गजों ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत-न्यूजीलैंड की दोस्ती के लिए एक अहम पल बताया है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों, युवाओं, स्टार्टअप्स और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को बहुत फायदा होगा। वहीं न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे पारदर्शी और भरोसेमंद व्यापार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस सफलता के बाद उम्मीद जताई है कि जल्द ही भारत यूरोपीय यूनियन (EU) और अमेरिका के साथ भी इसी तरह के बड़े व्यापारिक समझौते करने में सफल होगा।
इस समझौते से भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री में रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।


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