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वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ इंग्लैंड पूरी तैयारी के साथ:
8 जुलाई 2026:
खबर प्रधान डेस्क:

भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज के तीसरे मुकाबला में टीम इंडिया को करारी हार का सामना करना पड़ा। भारत को 125 रनों से हार का सामना करना पड़ा । 202 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी टीम सिर्फ 76 रनों पर सिमट गई और इस जीत के साथ इस सीरीज में इंग्लैंड की टीम ने 2-0  की बढ़त बना ली।

भारतीय टीम की इस हार से टीम का बुरा हाल है और यह चिंता का विषय बन गया है । श्रेयस अय्यर की कप्तानी और टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टी -20 मुकाबले में भारत का यह दूसरा सबसे कम स्कोर है। इसके पहले टीम इंडिया को 2019 में वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के साथ 80 रनों से हार का सामना करना पड़ा था । किंतु इस मैच में टीम इंडिया 125 रनों से हार गई । यह हार भारतीय टीम के फैंस और टीम इंडिया कई सालों तक भूल नहीं सकेगी।
टीम इंडिया के लिए यह समय बेहद खराब दौर से गुजर रहा है । अभी पिछले दिनों आयरलैंड जैसी कमजोर टीम के खिलाफ भी  2-0 से एक शर्मनाक हार मिली और अब इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की सीरीज में भारतीय टीम 2-0  से पीछे हो गई है।
इसका मुख्य कारण टीम इंडिया की खराब बल्लेबाजी और खराब गेंदबाजी माना जा रहा है। यह देख कर ऐसा लग रहा है कि भारतीय टीम आसानी से हार की कगार पर पहुंची है।  यदि आने वाले दिनों में टीम का प्रदर्शन और टीम के रवैया में कोई बदलाव नहीं होता है तो टीम इंडिया को फिर फजीहत का सामना करना पड़ेगा।

t20 के इस तीसरे मुकाबले में इंग्लैंड में पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट में 201 रनों का एक चुनौती पूर्ण स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में भारतीय बल्लेबाज शुरुआत से ही बेहद असहज नजर आ रहे थे। इंग्लैंड की टीम के जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने भारतीय टीम पर ऐसा दबाव बनाया कि भारत लगातार अपने विकेट गिराता चला गया। इंग्लैंड ने शुरुआत से ही यह कोशिश की कि भारतीय बल्लेबाज जमकर खेल ना सके।

वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ इंग्लैंड पूरी तैयारी के साथ:
इंग्लैंड की टीम ने वैभव सूर्यवंशी को टारगेट कर पहले से ही तैयारी कर रखी थी। 15 साल की उम्र के वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने स्वाभाविक अंदाज में खेलने की कोशिश कर रहे थे। इंग्लैंड की टीम यह जानती थी कि वैभव नई गेंद पर ही आक्रामक शुरुआत कर सकते हैं।  इसलिए आर्चर ने उन्हें उठती हुई गेंद से परखने की कोशिश की।
इधर दूसरे ओवर की चौथी गेंद पर आर्चर ने 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेग स्टंप की लाइन पर तेज एक शॉर्ट गेंद वैभव की ओर फेंकी। इस गेंद की रफ्तार इतनी अधिक थी कि शाॅर्ट के लिए जगह ही नहीं बन सकी और गेंद दस्ताने के हल्के किनारे को लेकर विकेटकीपर के दस्तानों में समा गई और अंपायर ने तुरंत वैभव को आउट कर दिया और वैभव पवेलियन लौट गए ।  उस समय भारत का स्कोर दो विकेट पर 29 रन था।


वैभव का विकेट लेना इंग्लैंड की सोची समझी रणनीति का हिस्सा था।
अब वैभव सूर्यवंशी के सामने एक चुनौती भरा सफर है । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की इस  असफलता को वे हल्के में नहीं लेंगे और इसे एक सीख की तरह लेंगे। यह वैभव के लिए बेहतर तैयारी करने का एक अनुभव होगा।


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