2 जुलाई 2026:
मध्य प्रदेश:
जन आंदोलन के द्वारा 7 करोड़ परिवारों तक पहुंचाया गया जल गंगा संवर्धन अभियान:
मध्य प्रदेश में संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ 30 जून को संपन्न हो गया। इस अभियान में जनभागीदारी के साथ 3 लाख 63 हजार से अधिक जल संरचनाओं के निर्माण और जीर्णोद्धार के कार्य किए गए। इसके साथ ही सोशल मीडिया के जरिए करीब 7 करोड़ परिवारों तक जल संरक्षण में जनभागीदारी कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ने किया पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित:
जनसंपर्क अधिकारी अनुराग उइके ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री डॉ.
मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के मुख्य उद्देश्यों के साथ संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश के साथ देश और विदेश के लगभग 7 करोड़ परिवारों तक अपनी पहुंच बनाकर जनभागीदारी का एक नया इतिहास रच दिया है। आगामी मानसून में कम वर्षा की संभावना को देखते हुए पानी की प्रत्येक बूंद को सहेजने के दूरदर्शी उद्देश्य से शुरू हुआ। यह महा अभियान 30 जून 2026 को भव्यता के साथ संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दृढ़ संकल्प से यह अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर एक विराट वैश्विक जन आंदोलन के रूप में स्थापित किया गया है।
जल है तो कल है के माध्यम से किया लोगों को जागरूक: जल है तो कल है, और SaveWater के माध्यम से प्रदेश में हर स्तर तक जल संरक्षण कला के जरिए लोगों को जागरूक किया। जिससे कुल 6 करोड़ 4 हजार 820 से अधिक लोगों तक इस अभियान की डिजिटल पहुंच सुनिश्चित हो सकी और लोग जल स्रोतों की सहेजने की मुहिम से सीधे जुड़े।
जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की निरंतर निगरानी और विशेष डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से इस अभियान में पूरे राज्य में रिकॉर्ड स्तर पर कार्य किए गए। प्रदेश भर में 10,514 करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख 63 हजार से अधिक जल संरचनाओं के निर्माण और जीर्णोद्धार के कार्य पूरे किए गए। भू-जल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए 67,708 खेत- तालाब, 225 अमृत सरोवर और 97,614 कूप रिचार्ज संरचनाएं तैयार की गई। इसके अलावा 10,000 से अधिक कुओं, नदियों और प्राचीन बावड़ियों की सफाई व सौंदर्याकरण
करके उन्हें अतिक्रमण मुक्त भी कराया गया। इन महत्वपूर्ण कार्यों के साथ मध्यप्रदेश जल संरक्षण में देश का अग्रणी राज्य बना है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर श्रमदान किया और समाज के हर वर्ग को प्रेरित भी किया। 19 मार्च 2026 को इंदौर से इसके तीसरे चरण की शुरुआत करने से लेकर धार में देवी सागर तालाब के गहरीकरण, उज्जैन में शिप्रा तीर्थ परिक्रमा, भोपाल के ‘सदानीरा समागम’ और राजगढ़ में आयोजित समापन समारोह तक उन्होंने सक्रिय सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प दोहराया कि ‘जल है तो कल है’ और सरकार इसे सहेजने के लिए पूरी तरह कृत संकल्पित है, इसलिए जल संरक्षण के कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।


Leave a Reply