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27 मई 2026

नई दिल्ली:
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अटका मानसून, अब जून में आने की उम्मीद, हालांकि 29 मई से पश्चिमी विक्षोभ ला सकता है थोड़ी राहत।

मध्य प्रदेश सहित पूरे मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के लोगों को फिलहाल गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बार फिर से गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 से 72 घंटों (यानी तीन से चार दिन) के भीतर इन इलाकों में भीषण और अत्यधिक खतरनाक लू (उष्ण लहर) चलने के आसार हैं। दोपहर के समय लोगों को घरों में रहने की सलाह दी जा रही है क्योंकि धूप और गर्म हवाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं।
किन जिलों के लिए कैसा अलर्ट?
मौसम विभाग ने अलग-अलग जिलों की स्थिति को देखते हुए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि इन सभी जगहों में कुछ स्थानों पर रात के समय भी गर्म रात्रि (वॉर्म नाइट) की स्थिति बनी रह सकती है।
रेड अलर्ट (अत्यधिक खतरनाक लू)
रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ तापमान बहुत ज्यादा बढ़ सकता है।
ऑरेंज अलर्ट (भीषण लू)
छिंदवाड़ा, शिवपुरी, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, ग्वालियर, दतिया, राजगढ़ और आगर जिलों में भीषण लू को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है।
येलो अलर्ट (लू की चेतावनी)
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, नीमच, अनूपपुर, डिंडौरी, नरसिंहपुर, सिवनी और पांडुर्णा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है।
मानसून की रफ्तार थमी, जून में दस्तक की संभावना
मौसम के इस तीखे तेवर की एक बड़ी वजह मानसून की सुस्त चाल है। दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले तीन दिनों से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अटका हुआ है। अगर मौजूदा मौसमी परिस्थितियां नहीं बदलती हैं, तो मानसून अगले दो से तीन दिनों तक वहीं ठहरा रह सकता है। इससे पहले अनुमान था कि मानसून तय समय से पहले केरल पहुंच जाएगा, लेकिन अब वह पूर्वानुमान पीछे छूटता नजर आ रहा है। भारतीय जमीनी हिस्सों पर मानसून की दस्तक अब जून के पहले हफ्ते में होने की उम्मीद है, हालांकि आईएमडी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। बता दें कि मानसून 16 मई को अंडमान और 23 मई को बंगाल की खाड़ी में पहुंच गया था, लेकिन तब से वहीं अटका है।
29 मई से एक्टिव हो रहा है पश्चिमी विक्षोभ
गर्मी के इस सितम के बीच एक राहत भरी खबर भी है। 28 मई से 5 जून के बीच भारतीय उपमहाद्वीप में एक खास दक्षिणी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके असर से 29 मई से 2 जून के बीच मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली एनसीआर, उत्तराखंड, पंजाब, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के कुछ हिस्सों में आंधी-पानी की स्थिति बन सकती है। यह बारिश मानसून के आगे बढ़ने तक गर्मी के तीखेपन को कम करने में काफी मददगार साबित होगी। 29 मई से 5 जून तक का समय मानसून की गतिविधियों में बदलाव के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।


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