11 मार्च 2026

नई दिल्ली

जंग के असर से एलपीजी आपूर्ति 30% घटी-

ईरान-इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष का असर अब भारत की गैस आपूर्ति व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। एहतियात के तौर पर तेल कंपनियों ने फिलहाल व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन और छोटे-बड़े उद्योगों में चिंता बढ़ गई है।

हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की सप्लाई प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत प्राकृतिक गैस पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया गया है, ताकि घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस और एलपीजी की उपलब्धता बनी रहे।

सरकार ने इसके उत्पादन पर दी  प्राथमिकता:
सरकार ने घरेलू गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए उर्वरक संयंत्र, चाय उद्योग, विनिर्माण इकाइयों और बिजली संयंत्रों में गैस आपूर्ति कम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तेल शोधन कंपनियों को घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए भी कहा गया है।

इधर मध्य प्रदेश, मुंबई, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक समेत कई राज्यों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। मुंबई में करीब 20 प्रतिशत होटल बंद होने की खबर है।

भोपाल में एलपीजी संकट से निपटने के लिए बनी मंत्रियों की समिति

व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने स्थिति पर नजर रखने और समाधान के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित की है। इस समिति में उप मुख्यमंत्री (वित्त एवं वाणिज्यिक कर), खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और योजना-आर्थिक सांख्यिकी विभाग के मंत्री शामिल हैं।

भोपाल में तेल कंपनियों के पास करीब 3200 मीट्रिक टन एलपीजी का लगभग 6 दिन का स्टॉक बताया जा रहा है, जबकि शहर में रोज करीब 500 मीट्रिक टन एलपीजी की खपत होती है। फिलहाल व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई बंद कर दी गई है और केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है।

शादियों के सीजन में कैटरर्स हो रहे परेशान:
प्रशासन ने शादी समारोहों और मैरिज गार्डन संचालकों को वैकल्पिक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए भी समिति सिफारिशें करेगी।होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों को व्यावसायिक गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।

एलपीजी की कमी के कारण गेहूं भंडारण पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि कई गोदामों में गैस आधारित व्यवस्थाएं उपयोग होती हैं। इस बीच प्रदेश में गेहूं खरीदी 16 मार्च के बजाय 1 अप्रैल से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसकी शुरुआत भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग से होगी l