हिंदू नववर्ष में इस बार 13 महीने का: 19 मार्च से शुरू होगा विक्रम संवत 2083

khabar pradhan

संवाददाता

12 March 2026

अपडेटेड: 4:22 PM 0thGMT+0530

हिंदू नववर्ष में इस बार 13 महीने का: 19 मार्च से शुरू होगा विक्रम संवत 2083

12 मार्च 2026
भोपाल। आने वाले दिनों में हिंदू नववर्ष की शुरुआत होने जा रही है। विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च से होगी। आम तौर पर हिंदू वर्ष 12 महीनों का होता है, लेकिन इस बार अधिकमास के कारण वर्ष 13 महीनों का रहेगा।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस साल अधिकमास पड़ने से दो ज्येष्ठ मास होंगे, जिससे एक अतिरिक्त महीना जुड़ जाएगा। इसी वजह से पूरे वर्ष की अवधि सामान्य से अधिक होगी।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष सौर परिवार में वर्ष का राजा गुरु (बृहस्पति) रहेगा, जबकि मंत्री का दायित्व मंगल ग्रह के पास रहेगा। ग्रहों की इस स्थिति का प्रभाव पूरे वर्ष की परिस्थितियों पर पड़ सकता है।

ग्रह स्थिति के अनुसार वर्ष कई मामलों में शुभ संकेत भी दे रहा है, लेकिन कुछ मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत भी बताई जा रही है। धार्मिक और शैक्षणिक क्षेत्र में अच्छे कार्य होने की संभावना जताई गई है, जबकि महंगाई बढ़ने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।

अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार हिंदी ज्येष्ठ माह की शुरुआत 2 मई से होगी, जो 29 जून (ज्येष्ठ पूर्णिमा) तक चलेगा। इसी दौरान 17 मई से अधिकमास शुरू होगा, जो 15 जून तक रहेगा। अधिकमास के कारण इस बार साल में एक अतिरिक्त महीना जुड़ जाएगा।

विक्रम संवत 2083 आने वाले हिंदू नववर्ष में विक्रम संवत 2083 को ‘रौद्र संवत’ का 14वां वर्ष माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस संवत का प्रभाव देश और समाज के कई क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है।

ज्योतिष मठ संस्थान के विद्वानों के अनुसार ज्योतिषीय ग्रंथों में लगभग 60 संवत्सरों का उल्लेख मिलता है, जिनमें रौद्र संवत भी शामिल है। इस समय को विभिन्न अवधियों में विभाजित किया गया है और वर्तमान में इसका 14वां वर्ष चल रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रहों की स्थिति के कारण व्यापार और आर्थिक गतिविधियों में नए अवसर खुल सकते हैं। वहीं राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कुछ बदलाव और चुनौतियों की स्थिति भी बन सकती है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष राजा का दायित्व गुरु ग्रह के पास रहेगा, जबकि मंत्री मंगल ग्रह होंगे। ग्रहों की यह स्थिति कई क्षेत्रों में प्रभाव डाल सकती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक वर्ष के दौरान महंगाई में तेजी आने की संभावना है, खासकर सोना और चांदी के दाम बढ़ सकते हैं। वहीं सरकार को सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है।

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