29 अप्रैल 2026
नई दिल्ली/तेहरान:

पश्चिम एशिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ को लेकर तनाव एक बार फिर चरम पर है। एक तरफ ईरान ने शांति के लिए नया प्रस्ताव पेश किया है, वहीं दूसरी तरफ उसके सख्त तेवरों ने दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह युद्ध रोकने के लिए तैयार है, बशर्ते उसकी शर्तें मानी जाएं।

ईरान का नया प्रस्ताव और तीन शर्तें
ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तक अपना शांति प्रस्ताव पहुँचाया है। इस प्रस्ताव में मुख्य रूप से तीन बातें कही गई हैं:
1. ईरान पर लगी आर्थिक नाकेबंदी (Economic Blockade) को हटाया जाए।
2. युद्ध के हालात को तुरंत खत्म किया जाए।
3. परमाणु मुद्दे पर बातचीत बाद में की जाएगी, पहले बाकी प्रतिबंधों पर चर्चा हो।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची फिलहाल रूस में हैं और इन प्रस्तावों पर वैश्विक शक्तियों से चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस ने अभी इस पर कोई साफ जवाब नहीं दिया है।

हॉर्मुज बंद हुआ तो बढ़ेंगी तेल की कीमतें
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकैर गालीबाफ ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना पड़ा, तो दुनिया भर में तेल की सप्लाई रुक जाएगी और कीमतें 108 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं। ईरान का कहना है कि उनके पास केवल हॉर्मुज ही नहीं, बल्कि ‘बाब-अल-मंदेब’ जैसे अन्य समुद्री रास्तों को भी प्रभावित करने की ताकत है।

भारतीय नाविकों पर बढ़ा खतरा
तनाव के बीच एक डराने वाली घटना भी सामने आई है। ओमान के पास ‘तोगो’ के झंडे वाले एक केमिकल टैंकर (MT Siron) पर ईरानी कोस्ट गार्ड ने फायरिंग की। चौंकाने वाली बात यह है कि इस जहाज पर 11 भारतीय नाविक सवार थे।
भारत सरकार और शिपिंग मंत्रालय इस मामले पर पूरी नजर रखे हुए हैं। मंत्रालय के निदेशक मनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन लगातार संपर्क में हैं।

क्या है हॉर्मुज का महत्व?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह रास्ता है जहाँ से दुनिया का लगभग एक-तिहाई तेल सप्लाई होता है। यदि यहाँ युद्ध छिड़ता है या ईरान इस रास्ते को रोकता है, तो भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने लगेंगे और वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट में पड़ सकती है।