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8 जुलाई 2026 :
देश दुनिया/ इंडोनेशिया :

इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर योग्याकार्ता के पास स्थित है सबसे बड़ा हिंदू मंदिर। यह मंदिर राजधानी जकार्ता से लगभग 550 किलोमीटर दूर स्थित है। नवी शताब्दी में लगभग 850 ईस्वी में जब जावा में हिंदू और बौद्ध राजवंशों का प्रभाव था, तब यह मंदिर बनाया गया था। माना जाता है कि इसका निर्माण संजय राजवंश के राकाई पिकातन ने शुरू कराया था।
बाद में उसके उत्तराधिकारियों ने विशेष कर बलितुंग के शासनकाल में इसे और भी विस्तार मिला।
इस पूरे परिसर में करीब 240 मंदिर हैं जिनमें से आठ प्रमुख मंदिर है इसमें सबसे ऊंचा मंदिर 154 फीट का शिव मंदिर है।  इस मंदिर का निर्माण ज्वालामुखी पत्थरों से किया गया है।  और मंदिर की दीवारों पर रामायण और कृष्ण कथा के सुंदर शिल्प उकेरे गए हैं।

यह मंदिर दक्षिण पूर्व एशिया का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर प्रम्बानंन हिंदू मंदिर है। यह मंदिर 1000 साल पुराना है और इसका परिसर करीब 240 मंदिरों में फैला हुआ है । यहां हिंदू सनातन संस्कृति के त्रिमूर्ति भगवान ,भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा के तीन प्रमुख बड़े मंदिर हैं।
इसमें सबसे ऊंचा 47 मीटर ऊंचा सबसे बड़ा शिव मंदिर है और मंदिर की दीवारों पर रामायण और कई हिंदू ग्रंथो की कहानी उकेरी गई है।
इन मंदिरों में भगवान शिव भगवान विष्णु ,भगवान ,ब्रह्मा,नंदी गरुड़ और हंस की पूजा की जाती है। यहां की संस्कृति सनातन संस्कृति मानी जाती है। सनातन संस्कृतियों में इन सभी की पूजा की जाती है । गरुड़ एयरलाइंस इंडोनेशिया में ही है।

इंडोनेशिया में आज भी रामायण पहला का मंचन किया जाता है जिसमें राम, सीता ,लक्ष्मण ,हनुमान ,रावण की कहानी नृत्य नाटिका के रूप में प्रस्तुत की जाती है।


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