बालाघाट के एसडीएम अनुविभागीय दंडाधिकारी बालाघाट की कोर्ट ने भरण पोषण अधिनियम के तहत एक पुलिस आरक्षक पुत्र को निर्देश दिए हैं कि वह अपने पिता को प्रति माह वेतन से ₹7000 दे।  यह राशि पुत्र को वृद्ध पिता के बैंक खाते में जमा करनी होगी।

दरअसल हटा निवासी किशोर खांडेकर जिनकी उम्र 70 वर्ष है उन्होंने एसडीएम गोपाल सोनी की कोर्ट में आवेदन लगाकर बताया कि उनका पुत्र मुकेश खांडेकर बालाघाट कोतवाली में पदस्थ है और वृद्धावस्था में माता-पिता दोनों को ही बेसहारा छोड़ दिया है।  लगभग 21 वर्ष से वह उनसे मिलने तक नहीं आया और उन्हें रुपए भी नहीं देता।


साथ ही यह भी बताया कि उनकी पत्नी और मुकेश की मां हृदय रोगी है।  पिता ने कहा कि उनके इलाज को लेकर भी वे परेशान है।  कोर्ट के निर्देश पर सुलह अधिकारी बी आर भैरम ने दोनों पक्षों को सुना और पुत्र मुकेश को समझाई दी । मुकेश ने पिता को हर माह 7000 रुपए देना स्वीकार किया है।  एसडीएम ने स्थिति को देखते हुए मुकेश के वेतन से हर माह 7000 कटौती कर पिता के बैंक खाते में जमा करने के आदेश दिए हैं।
एसडीएम कोर्ट में पिता ने यह गुहार पुत्र के 21 वर्ष तक लगातार संपर्क नहीं करने पर लगाई थी।