26 अप्रैल 2026
खरगोन:
रिश्वतखोर अधिकारी पर लोकायुक्त का शिकंजा
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने झिरन्या ब्लॉक के शिक्षा अधिकारी (BE0) प्रभात परमाथी को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोच लिया है। यह पूरी कार्रवाई शनिवार को लोकायुक्त के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में अंजाम दी गई।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता सुभाष बर्डे, जो भगवानपुरा तहसील के ग्राम बिस्टान के निवासी हैं, ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी। सुभाष की पत्नी सेवंती बर्डे शासकीय प्राथमिक विद्यालय भेंडिया (मोहनपुरा) में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
मामला वेतन से जुड़ा था:
* सेवंती बर्डे का नवंबर 2025 का वेतन अनुमोदन न होने की वजह से काफी समय से रुका हुआ था।
* जब सुभाष ने अपनी पत्नी का वेतन स्वीकृत कराने के लिए तत्कालीन संकुल प्राचार्य प्रभात परमाथी से संपर्क किया, तो उन्होंने इस काम के बदले रिश्वत की मांग की।
ट्रांसफर के बाद भी नहीं छोड़ा पीछा
हैरानी की बात यह है कि दिसंबर 2025 में आरोपी प्रभात परमाथी का ट्रांसफर हो गया और वे झिरन्या में ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर के पद पर पदस्थ हो गए। इसके बावजूद उन्होंने रिश्वत की मांग जारी रखी। उन्होंने रुका हुआ वेतन जारी करने के बदले 2,000 रुपये मांगे थे।
जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी
शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने लोकायुक्त का दरवाजा खटखटाया। योजना के मुताबिक, जैसे ही सुभाष बर्डे ने झिरन्या में आरोपी प्रभात परमाथी को 2,000 रुपये की रिश्वत दी, पहले से तैयार खड़ी लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
कानूनी कार्रवाई जारी
लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। टीम ने आरोपी के हाथों को विशेष केमिकल से धुलवाया, जिससे रिश्वत के रूप में लिए गए नोटों का रंग हाथों पर उभर आया, जो कि अपराध का पुख्ता सबूत है। इस घटना के बाद से शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।


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