27 अगस्त अप्रैल 2026:
हरियाणा/ गुरुग्राम:
चैट जीपीटी से फॉर्मूला निकाल कर बनाई कंपनी: वेट लॉस इंजेक्शन कंपनी का नाम ‘टोनअप’:
गुरुग्राम में एक नकली वेट लॉस इंजेक्शन बनाने की कंपनी का खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी अवि शर्मा बिना कोई मेडिकल ट्रेनिंग लिए एआई से वेट लॉस के इंजेक्शन तैयार कर रहा था । यह नकली वेट लॉस इंजेक्शन के खतरनाक दुरुपयोग को उसने चैट जीटीपी से सीखा।
अपने ही फ्लैट का किया इस्तेमाल:
उसने अपने फ्लैट को ही एक मिनी फैक्ट्री में बदल दिया। जांच में पता चला वेट लॉस इंजेक्शन बनाने के लिए जरूरी चीजें जैसे पेप्टाइड्स, कॉर्टिज और इंजेक्शन पेन जैसा कच्चा माल चीन से ऑनलाइन मांगता था । और वेट लॉस इंजेक्शन बनाता था। उसने अपनी कंपनी का नाम ‘टोन अप’ रखा था।
यानी टोन अप के नाम से वह वेट लॉस इंजेक्शन बनाता था । और 3D प्रिंटर से इसकी आकर्षक पैकेजिंग भी करता था।
जांच में उसने पुलिस को बताया कि वह हर महीने 2 करोड रुपए कमाना चाहता था । वह डायबिटीज और वजन घटाने में इस्तेमाल होने वाले जाने वाले इंजेक्शन की नकली कॉपी भी बना रहा था। और असली दवा की कीमत के बराबर ही अपने टोन अप के इंजेक्शन बेच रहा था। यानी उसके एक इंजेक्शन की कीमत 10 से 20 हजार तक होती थी।
दिल्ली से हैदराबाद तक फैला था नेटवर्क:
पुलिस की जांच में पता चला कि उसने अपने नेटवर्क को दिल्ली और हैदराबाद तक फैला लिया था। और अब जो भी ऑर्डर की लिस्ट थी उसे वापस किया जा रहा है। बाजार से उसके माल को वापस मंगाया जा रहा है।
कैसे हुआ खुलासा:
दरअसल 18 अप्रैल को डीएलएफ फेज- 4 ,में एक कैब की जांच के लिए सैंपल मांगे गए थे । इस दौरान 56 लाख रुपए के नकली इंजेक्शन बरामद हुए। इस प्रकरण में ड्राइवर की निशानी पर पुलिस आरोपी के फ्लैट तक पहुंची और इस तरह से पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ।
कैसे बनाया उसने इतना बड़ा नेटवर्क:
एआई से जानकारी लेना अब पहले के मुकाबले अधिक आसान हो गया है । पहले से ही देश में मेडिसिन की सप्लाई चैन कमजोर मानी जाती है और ऑनलाइन मार्केट प्लेस की निगरानी में कमी है। लोग शॉर्टकट इलाज के लिए जल्दी आकर्षित हो जाते हैं।
स्वास्थ्य के लिए सावधानी बरतनी बेहद जरूरी :
एआई से जानकारी तो मिल जाती है। किंतु एक आधी अधूरी जानकारी ही मिल पाती है । यह पूरी जानकारी नहीं होती। अधूरी जानकारी
नुकसानदेह होती है। आज के युवा ध्यान रखें कि बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाइयों का इस्तेमाल न करें । सिर्फ लाइसेंस धारी मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदें । किसी चमत्कार की उम्मीद ना करें और शॉर्टकट ना अपनाएं।


Leave a Reply