11 June 2026
मध्य प्रदेश के इंदौर से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। लोकायुक्त पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण केंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। एक गुप्त शिकायत के आधार पर लोकायुक्त की टीम ने केंडवाल और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें करीब 10 करोड़ 82 लाख 73 हजार रुपये की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि केंडवाल को उनकी 30 साल की सरकारी सेवा के दौरान वेतन के रूप में कुल लगभग 2.50 करोड़ रुपये मिले थे। लेकिन उनके पास से मिली संपत्ति उनकी वैध आय से लगभग 287 प्रतिशत अधिक है। अगर उनकी कृषि भूमि के 30 लाख रुपये जोड़ दिए जाएं, तो उनकी कुल आय 2.80 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है।
फिल्मी अंदाज में हुई कार्रवाई: जब दरवाजा नहीं खोला, तो छत के रास्ते घुसी पुलिस
लोकायुक्त पुलिस को इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय ने बताया कि केंडवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर बुधवार सुबह 6 बजे इंदौर की आनंद विहार कॉलोनी (स्कीम-103) स्थित उनके आवास समेत अन्य ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए।
जब लोकायुक्त की टीम सुबह केंडवाल के निवास पर पहुंची, तो काफी देर तक खटखटाने के बाद भी घर का दरवाजा नहीं खोला गया। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस के डीएसपी सुनील तालान और एएसआई रशीद खान ने सूझबूझ दिखाई और पड़ोस की छत के रास्ते केंडवाल के मकान की छत पर दाखिल हुए। आवाज लगाने पर आखिरकार केंडवाल बाहर आए और मुख्य दरवाजा खोला, जिसके बाद टीम ने अंदर घुसकर तलाशी शुरू की।
करोड़ों के बंगले, जिम और सुपर मार्केट का खुलासा
जांच के दौरान केंडवाल की आलीशान जीवनशैली और संपत्तियों को देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। उनके पास एक पांच मंजिला आलीशान मकान मिला है, जिसके निचले हिस्से में एक सुपर मार्केट और एक आधुनिक जिम संचालित हो रहा है। इस आलीशान भवन की अनुमानित कीमत ही करीब 2 करोड़ 66 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
इस पांच मंजिला इमारत के सुपर मार्केट का संचालन केंडवाल के बेटे पवन कर रहे हैं, जबकि भवन में चल रहा जिम 1.15 लाख रुपये प्रति महीने के किराए पर दिया हुआ है।
केंडवाल की बेहिसाब संपत्तियों का पूरा हिसाब-किताब:
लोकायुक्त की जांच में केंडवाल, उनकी पत्नी, बेटे और बहू के नाम पर खरीदी गई कई बेकीमती जमीनों, प्लॉट्स और निवेश के दस्तावेज मिले हैं:
2.66 करोड़ रुपये की कीमत का स्कीम-103, आनंद विहार कॉलोनी में स्थित 13,560 वर्ग फीट के प्लॉट पर बना पांच मंजिला मकान।
2.29 करोड़ रुपये मूल्य की ग्राम बेकलिया (पीठमपुर, धार) में 2.435 हेक्टेयर कृषि भूमि।
1.53 करोड़ रुपये मूल्य की ग्राम तारपुरा-सागोर (धार) में 2.195 हेक्टेयर कृषि भूमि।
67.27 लाख रुपये मूल्य की ग्राम तारपुरा (पीठमपुर, धार) में 0.345 व 0.606 हेक्टेयर कृषि भूमि।
40.56 लाख रुपये मूल्य की ग्राम बलेडिया (धार) में 2.100 हेक्टेयर कृषि भूमि।
25 लाख रुपये मूल्य की ग्राम तारपुरा (पीठमपुर, धार) में 1.212 हेक्टेयर कृषि भूमि।
22.71 लाख रुपये मूल्य की ग्राम बलेडिया (धार) में 1.176 हेक्टेयर कृषि भूमि।
21.91 लाख रुपये की कीमत का स्कीम-140 में 54 वर्ग मीटर का आईडीए प्लॉट।
15.35 लाख रुपये की कीमत का स्कीम-140, सेक्टर-ए में आईडीए का टाइप-ए का भूखंड।
12.26 लाख रुपये मूल्य की ग्राम बलेडिया (धार) में 0.879 हेक्टेयर कृषि भूमि।
11.94 लाख रुपये मूल्य की ग्राम बलेडिया (पीठमपुर, धार) में 1.740 हेक्टेयर कृषि भूमि।
9.37 लाख रुपये मूल्य की ग्राम तारपुरा (धार) में 2.560 हेक्टेयर कृषि भूमि।
6.64 लाख रुपये मूल्य की ग्राम सोनवाय में 0.097 हेक्टेयर कृषि भूमि।
9.76 करोड़ रुपये का जमीन, प्लॉट और मकानों में किया गया भारी-भरकम अचल निवेश।
1.15 लाख रुपये का प्रति माह का निश्चित किराया जो उन्हें महिला भवन में संचालित हो रहे जिम से मिल रहा था।
1.89 ग्राम (करीब दो सौ ग्राम के आसपास) का शुद्ध सोना, जो सर्राफा बाजार और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लॉकर से बरामद किया गया है।
लोकायुक्त की टीम ने इन सभी बेहिसाब संपत्तियों, जमीनों और निवेश से जुड़े जरूरी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इन बेनामी और आय से अधिक संपत्तियों की गहरी जांच शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की पूरी उम्मीद है।


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