5 मई 2026

कोलकाता:

भारत के राजनीतिक नक्शे पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में आए चुनाव नतीजों ने सबको चौंका दिया है। पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। सालों से राज्य की सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को इस बार हार का सामना करना पड़ा है।
बंगाल में खिला कमल
चुनाव आंकड़ों पर नजर डालें तो बंगाल की 293 सीटों में से भाजपा ने शानदार बढ़त हासिल की है। भाजपा को यहाँ 206 सीटें मिली हैं, जो बहुमत के आंकड़े 147 से काफी ज्यादा है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी महज 81 सीटों पर सिमट गई है। यह नतीजा इसलिए भी खास है क्योंकि ममता बनर्जी खुद अपनी सीट भी नहीं बचा पाईं।
असम में फिर से भाजपा की वापसी
असम में भी भाजपा ने अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा है। भाजपा गठबंधन ने यहाँ ‘हैट्रिक’ लगाते हुए फिर से सत्ता पर कब्जा किया है। असम की 126 सीटों में से भाजपा गठबंधन को 101 सीटें मिली हैं। कांग्रेस को यहाँ करारा झटका लगा है और वह केवल 22 सीटों पर ही रुक गई। कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद का चेहरा माने जा रहे गौरव गोगोई भी अपनी सीट हार गए हैं।
दक्षिण भारत के राज्यों का हाल
दक्षिण भारत के राज्यों में भी इस बार बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं:
1. तमिलनाडु: यहाँ 50 साल पुरानी द्रविड़ राजनीति को बड़ा झटका लगा है। अन्नाद्रमुक गठबंधन ने 108 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि द्रमुक (DMK) गठबंधन 74 सीटों पर रह गया।
2. केरल: केरल में भी बदलाव की लहर दिखी। यहाँ कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन (यूडीएफ) ने 10 साल बाद सत्ता में वापसी की है। यूडीएफ ने 99 सीटें जीतीं, जबकि एलडीएफ को 35 सीटें मिली हैं।
3. पुडुचेरी: यहाँ भाजपा गठबंधन ने फिर से जीत दर्ज की है। गठबंधन ने 30 में से 18 सीटें जीतकर अपनी सरकार बचा ली है।
जीत के पीछे के खास कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के पीछे जनता की बदलाव की चाहत और भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सा एक बड़ी वजह रही। भाजपा ने जहाँ विकास और केंद्र सरकार की योजनाओं को मुद्दा बनाया, वहीं टीएमसी के प्रति लोगों की नाराजगी का फायदा भी उन्हें मिला।
इस शानदार जीत के बाद दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर जश्न का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत को लोकतंत्र की विजय बताया है और कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में किसका नाम सामने आता है।
इस जीत ने देश की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है, जहाँ भाजपा अब पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण तक अपनी जड़ें मजबूत करती दिख रही है।