मध्य प्रदेश भाजपा के भीतर बढ़ा असंतोष, BJP विधायक कर रहे खुली बगावत !
संवाददाता
19 May 2025
अपडेटेड: 9:09 AM 0thGMT+0530
मध्य प्रदेश भाजपा के भीतर बढ़ा असंतोष... BJP विधायक कर रहे खुली बगावत!
मप्र बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा…ये हम नहीं कह रहे बीजेपी के नेता खुद शिकायत कर रहे हैं…..कहीं न कहीं आपसी कलह …गुटबाजी खुलकर सामने आ रही हैं…..छुटभईया नेताओं से लेकर मंत्री जी तक की जुबानें ऐसे फिसल रहीं हैं मानों खुद से ही उनकी कंट्रोल समाप्त हो चुका है……क्या बोलना है कितना बोलना है सब बेलगाम हो चला है… हालांकि कांग्रेस भी इसमें कहीं पीछे नहीं है बल्कि ऐसे मामलों में दो कदम आगे ही रहती है…..गुटबाजी ने ही कांग्रेस को मप्र में दशकों पीछे कर दिया है…लेकिन फिलहाल सत्ता में बैठे लोगों की बात करें तो कर्नल सोफिया कुरैशी के मामले में मंत्री विजय शाह खुद तो फंसे ही हैं …अपनी पार्टी के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं….मप्र से लेकर केंद्र तक कुछ तय नहीं हो पा रहा क्या करें…. शाह अकेले मंत्री नहीं हैं, जिनके कारण पार्टी घिरी हुई है। इससे पहले भी सरकार के कई मंत्री अपने बयानों से सियासी हलचल मचा चुके हैं। राजगढ़ जिले के सुठालिया में लोधी समाज के एक सम्मेलन के दौरान कहा था कि, “हर कोई आता है और मांगपत्र पकड़ा देता है… जैसे हम भीख मांगने आए हों…”। मंत्री का यह बयान सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह की अतिथि शिक्षकों को लेकर दी गई टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया था जब उन्होंने कहा था वे अतिथि बनकर आए हैं तो क्या घर पर कब्जा कर लेंगे?” प्रदेश में खाद की किल्लत को लेकर कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने कुछ महीने पहले एक अजीबोगरीब बयान दिया था। अब नई खबर ये है कि जाति जाति के खेल में जाति का ही सवाल सामने आ रहा है…गुना से BJP MLA पन्ना लाल शाक्य ने शिकायत की है कि स्थानीय प्रशासन उन्हें गंभीरता से नहीं लेता। सिर्फ कुछ खास लोगों की ही सुनी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि वे SC वर्ग से हैं, इसलिए उनकी आवाज दबाई जाती है। इधर शिवपुरी MLA देवेंद्र जैन ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर स्थानीय प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इसमें एक SDM को भी शामिल बताया।फिलहाल सरकार ने SDM को हटा दिया, लेकिन जैन इससे भर संतुष्ट नहीं हुए उन्हें और कड़ी कार्रवाई चाहिए…इधर अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले पिछोर MLA प्रीतम लोधी की नाराजगी एक बार फिर सामने आई है…. प्रीतम लोधी लगातार स्थानीय प्रशासन और प्रभारी मंत्री के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं… पार्टी ने उन्हें नोटिस भी दिया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ…फिलहाल हालात ये हैं कि मध्य प्रदेश में BJP एक अजीब समस्या से जूझ रही है। कई MLA अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इसी वजह से खबर तो ये भी है BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को फोन किया… उन्होंने कहा कि जो MLA अनाप-शनाप बोल कर पार्टी की किरकिरी करा रहे हैं…. उन्हें सख्त संदेश देकर संतुष्ट किया जाए…. इससे पार्टी के लिए मुश्किल हो रही है। मंत्रियों के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विवादित बयान भी इसी का हिस्सा हैं। पिछले कुछ महीनों से MLA सरकार की खुलेआम आलोचना कर रहे हैं। इससे पार्टी को शर्मिंदगी हो रही है।सोहागपुर MLA विजयपाल सिंह और मऊगंज MLA प्रदीप पटेल ने भी कई स्थानीय मुद्दों पर सरकार औऱ प्रशासन की आलोचना की है… पटेल का आरोप है कि उन्हें पुलिस धमका रही हैं। और इसी के विरोध में उन्होंने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर छह घंटे तक विरोध प्रदर्शन भी किया… पूर्व गृह मंत्री और खुरई MLA भूपेंद्र सिंह ने शुक्रवार को BJP और कांग्रेस दोनों के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वे ‘तंत्र-मंत्र’ के जरिए उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। वे उनके क्षेत्र में विकास कार्यों को रोकना चाहते हैं।…ये अळग ही मुद्दा है जिसमें तंत्र मंत्र भी शामिल है…ये तो कुछ हालिया घटनाएं हैं, ऐसी लिस्ट बहुत लंबी है…. MP BJP के सूत्रों ने बताया कि इनमें से कई नेता पार्टी के कुछ बड़े नेताओं से जुड़े हुए हैं। इसलिए पार्टी कार्रवाई करने से डरती है, क्योंकि उसे बड़े नुकसान का डर है। हालांकि, पार्टी ने कुछ लोगों पर कार्रवाई की है। आलोट MLA चिंतामणि मालवीय ने 18 मार्च को विधानसभा में उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में जमीन के स्थायी अधिग्रहण का मुद्दा उठाया था। तो पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया… बाद में मालवीय पार्टी की बात मानने को तैयार भी हो गए। तो ये कुछ ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो इंगित करती हैं कि मप्र BJP में अंदरूनी कलह है। पार्टी को जल्द ही इस पर ध्यान देना होगा, नहीं तो आने वाले चुनावों में उसे नुकसान हो सकता है। हालांकि गंभीरता को समझते हुए पार्टी के कई बड़े नेता इस मामले विचार कर रहे हैं समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। पर देखना ये है कि पार्टी ऐसे हालातों से कैसे निपटती है जब अपने ही बगावत पर उतर आएं….और अपने नेताओं कार्यकर्ताओं समेंत विधायकों को भी एकजुट रखने में सफल होती है या नहीं….क्योंकि कांग्रेस भी गुटबाजी में ही इस कगार पर पहुंची है और लंबे समय से सत्ता में बनी बीजेपी ये बिल्कुल नहीं चाहेगी कि उसका भी हाल नाराज नेता कांग्रेस की तरह बना दें…बहरहाल अध्यक्ष वी डी शर्मा इस बात को पूरी गंभीरता से सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं….कि उनके अफने न तो बदजुबान हों और न ही नाराज हों….