10 अप्रैल 2026
भोपाल:
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए गुरुवार रात को 13 जिलों के कलेक्टर और एक संभाग आयुक्त के तबादला आदेश जारी कर दिए हैं। इस फेरबदल में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव राजधानी भोपाल में हुआ है।
भोपाल को मिला नया कलेक्टर
धार जिले के कलेक्टर रहे प्रियंक मिश्रा को अब भोपाल का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, भोपाल के निवर्तमान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को अब मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त-सह-संचालक की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
इन जिलों के बदले गए कलेक्टर
सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार, जिन 13 जिलों में नए कलेक्टरों की तैनाती की गई है, वे इस प्रकार हैं:
भोपाल, सागर, रीवा, धार, नर्मदापुरम, शिवनी, शिवपुरी, उमरिया, श्योपुर, मैहर, दमोद, मंडला और बैतूल।
इसके अलावा झाबुआ और अन्य कुछ जिलों में भी नए अधिकारियों को कमान सौंपी गई है। सरकार ने इस बार अनुभव और परफॉरमेंस को आधार बनाकर कई अधिकारियों को दोबारा कलेक्टर बनने का मौका दिया है।
महिला कलेक्टरों की संख्या में बदलाव
इस फेरबदल में तीन महिला कलेक्टरों को हटाकर उन्हें मंत्रालय में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा,को अपर सचिव वित्त विभाग, शिवनी की कलेक्टर शीतला पटले  को सचिव mppac,इंदौर, और मैहर की कलेक्टर रानी बाटड को अब नई भूमिकाओं में भेजा गया है। हालांकि, प्रदेश में अब भी 17 जिलों की कमान महिला कलेक्टरों के हाथों में है।
किसे कहाँ मिली नई जिम्मेदारी (मुख्य नाम):
प्रतिमा पाल – कलेक्टर, सागर
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी – कलेक्टर, रीवा
नेहा मीणा – कलेक्टर, सिवनी
अर्पित वर्मा – कलेक्टर, शिवपुरी
राखी सहाय – कलेक्टर, उमरिया
शील दाहिमा – कलेक्टर, श्योपुर
विदिशा मुखर्जी – कलेक्टर, मैहर
प्रताप नारायण यादव – कलेक्टर, दमोह
राहुल नामदेव घोटे – कलेक्टर, मंडला
डॉ. योगेश तुकाराम भरसत – कलेक्टर, झाबुआ
डॉ. सौरभ संजय सोनवणे – कलेक्टर, बैतूल
क्यों हुआ यह बदलाव?
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद इन नामों पर मुहर लगी है। वित्तीय वर्ष के समापन और आगामी प्रशासनिक सुधारों को देखते हुए यह सर्जरी जरूरी मानी जा रही थी। इस बदलाव से सरकार ने संकेत दिया है कि वह फील्ड में सक्रिय और परिणाम देने वाले अधिकारियों को प्राथमिकता दे रही है।
प्रशासनिक गलियारों में इस फेरबदल को लेकर काफी चर्चा है, क्योंकि कई जिलों में कलेक्टरों के चेहरे पूरी तरह बदल गए हैं और कुछ को मंत्रालय में अहम पद दिए गए हैं।