इंदौर/दूषित पानी कांड के बाद नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटाया:

khabar pradhan

संवाददाता

3 January 2026

अपडेटेड: 4:30 PM 0thGMT+0530

इंदौर/दूषित पानी कांड के बाद नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटाया:

IAS क्षितिज सिंघल बने इंदौर नगर निगम के नये कमिश्नर:

इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है। इसके अलावा सुधारात्मक करवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने 16 नगर निगम के महापौर, आयुक्त, जिला कलेक्टर और सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक करके समीक्षा ली और सख्त निर्देश जारी किए।

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई करते हुए नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को हटा दिया है। इसके साथ ही दो अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है।

दिलीप यादव की जगह पर IAS क्षितिज सिंघल को नया आयुक्त बनाया गया है। क्षितिज सिंघल साल 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।‌ वर्तमान में मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के मध्य क्षेत्र के डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। उन्हें इंदौर के नगर निगम के कमिश्नर के पद की जिम्मेदारी सौंपी है।

दिलीप यादव को हटाने के साथ ही अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और नगर निगम के जल कार्य विभाग के प्रभारी अधीक्षक यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। जो पिछले 12 सालों से इस पद पर कार्यरत थे।

मोहन यादव के सख्त निर्देश:
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में दूषित पेयजल से हुई इस दुखद घटना के लिए सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है । इसके अलावा अन्य जगहों पर ऐसी स्थिति ना बने ,इसके लिए भी सख्त निर्देश दिए गए हैं । उन्होंने महापौर आयुक्त कलेक्टर और सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे प्रदेश की समीक्षा ली है।

इसके पहले प्रशासनिक फेरबदल में खरगोन जिला पंचायत पंचायत के सीईओ आकाश सिंह और अलीराजपुर जिला पंचायत के सीईओ प्रखर सिंह को इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है। इंदौर में पदस्थ उप परिवहन आयुक्त आशीष कुमार पाठक को भी अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मुख्य सचिव सहित सभी आला अफसरों के साथ इस मामले की समीक्षा ली और यह कार्रवाई की। नगरीय प्रशासन ACS संजय दुबे ने भोपाल नगर आयुक्त संस्कृति जैन को मंत्रालय बुलाया और उन्हें निर्देश दिया कि शहर में निगम के अफसर तुरंत मैदान में उतरकर जल की आपूर्ति के नेटवर्क की जांच करें।

नेटवर्क की जांच 7 दिन में करें पूरी:
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मामले की समीक्षा के बाद नगरीय प्रशासन विभाग के 16 नगर निगम सहित सभी 413 निकायों को निर्देश जारी कर कहा कि अगले 7 दिनों में अपने-अपने क्षेत्र में जल की आपूर्ति के नेटवर्क में रिसाव की जांच करें । इसके अलावा पानी की क्वालिटी भी जांचें । यदि कहीं पाइपलाइन में रिसाव मिले तो 48 घंटे में पाइप लाइन को दुरुस्त करें । और तुरंत समाधान के तौर पर हर शहर कस्बे में हर पेयजल की पाइप लाइन जांचीं जाए। जो घनी आबादी वाला क्षेत्र है या 20 साल से पुराना है उसमें पाइपलाइन दुरुस्त करें।

इंदौर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश ईनानी द्वारा दायर जनहित याचिका पर अब हाई कोर्ट की नियमित खंडपीठ 6 जनवरी को सुनवाई करेगी।

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