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5 जून 2026 :खबर प्रधान डेस्क:

मध्य प्रदेश के उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल के मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ को संभालने के लिए काम कर रही आधुनिक तकनीक को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। महाकाल मंदिर में स्थापित की गई एआई (AI) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित वीडियो सर्विलांस प्रणाली ‘त्रिनेत्र’ को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवॉर्ड के लिए चुना गया है।
केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय की तरफ से जारी की गई 29वें ई-गवर्नेंस पुरस्कारों की सूची में महाकाल मंदिर के इस खास ‘त्रिनेत्र’ सिस्टम को शामिल किया गया है।

क्यों पड़ी इस आधुनिक सिस्टम की जरूरत?
उज्जैन के महाकाल मंदिर में रोजाना भक्तों का तांता लगा रहता है। आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन करीब 80 हजार से लेकर 1 लाख तक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने आते हैं। त्योहारों और विशेष दिनों में यह संख्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, उन पर नजर रखने और भीड़ को सही तरीके से मैनेज करने के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने एक अनोखा रास्ता निकाला। समिति ने तकनीक का सहारा लेते हुए इस एआई बेस्ड आधुनिक वीडियो सर्विलांस सिस्टम को शुरू किया, जिसे ‘त्रिनेत्र’ नाम दिया गया है।

जानिए कैसे काम करता है महाकाल मंदिर का ‘त्रिनेत्र’ सिस्टम
यह अत्याधुनिक सिस्टम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में रीढ़ की हड्डी की तरह काम करता है। इसकी खूबियां कुछ इस तरह हैं:

600 से ज्यादा एआई कैमरे: ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर और श्री महाकाल महालोक परिसर में सुरक्षा के लिहाज से 600 से भी अधिक एडवांस एआई आधारित कैमरे लगाए गए हैं।

रियल-टाइम मॉनिटरिंग:
इन सभी कैमरों को एक खास और बड़े कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। इस कंट्रोल रूम में सुरक्षाकर्मी और बड़े अधिकारी बैठकर हर पल की लाइव यानी रियल-टाइम मॉनिटरिंग करते हैं।

भीड़ और प्रतिबंधित क्षेत्रों पर नजर:
यह सिस्टम मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं की बिल्कुल सटीक संख्या बताता है। इसके साथ ही यह उन इलाकों की तुरंत पहचान कर लेता है जहां भीड़ ज्यादा बढ़ रही हो या फिर जहां लोगों का जाना मना (प्रतिबंधित क्षेत्र) हो।

त्वरित एक्शन में मददगार: कैमरों से मिलने वाली बिल्कुल सटीक और लाइव जानकारी की मदद से अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन करने और सुरक्षा के कड़े कदम उठाने में बहुत आसानी होती है, जिससे किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई, मिला एक और पुरस्कार
इस बड़ी उपलब्धि पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुशी जताते हुए पूरी टीम को बधाई दी है। आपको बता दें कि महाकाल मंदिर के इस ‘त्रिनेत्र’ प्रोजेक्ट को रजत (सिल्वर) पुरस्कार की घोषणा हुई है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शहरी विकास एवं आवास विभाग की ‘ई-नगर पालिका में साइबर सुरक्षा व्यवस्था’ के लिए स्वर्ण (गोल्ड) पुरस्कार मिला है, जबकि ‘त्रिनेत्र-महाकालेश्वर मंदिर सहित महाकाल रुद्रसागर एकीकृत विकास क्षेत्र’ की एआई आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली को रजत पुरस्कार से नवाजा गया है। धार्मिक स्थलों पर तकनीक का ऐसा बेहतरीन इस्तेमाल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन रहा है।


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