उन्नाव रेप केस,: कुलदीप सिंह सिंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से लगा बड़ा झटका:

khabar pradhan

संवाददाता

20 January 2026

अपडेटेड: 4:41 PM 0thGMT+0530



भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है ।क्षकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की सजा सुनाई थी।
इस सजा पर रोक लगाने के लिए हाई कोर्ट में कुलदीप सिंह सेंगर की अर्जी लगाई गई थी।  जिसे हाई कोर्ट ने सजा पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी।
जस्टिस रविंद्र डूडेजा ने कहा कि पीड़िता का पिता अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था और उसकी पुलिस हिरासत में मौत के मामले में किसी भी तरह की नरमी  नहीं बरती जा सकती । कोर्ट ने साफ कहा कि इस तरह के अपराध में सजा के निलंबन का कोई आधार नहीं बनता।
कुलदीप सिंह सेंगर की ओर से यह दलील पेश की गई कि अपील की सुनवाई में देरी हो रही है, इसलिए सजा पर रोक लगा दी जाए । इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि केवल सुनवाई में देरी राहत देने का आधार नहीं हो सकता ।

न्यायिक सिद्धांतों के अनुसार अर्जी खारिज की जाती है।  ट्रायल कोर्ट ने सेंगर को इस मामले में 10 साल की कैद और 10 लाख रुपए जुर्माना की सजा सुनाई थी। हालांकि सेंगर पहले से उन्नाव दुष्कर्म मामले में उम्र कैद की सजा काट रहा है । दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर को उसे मामले में सेंगर को जमानत दे दी थी।  जिसका कई सामाजिक संगठनों ने विरोध किया।  जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के जमानत आदेश पर रोक लगा दी

पीड़िता के पिता की 2018 में पुलिस कस्टडी में हुई थी मौत:

उन्नाव रेप केस की पीड़िता के पिता को 2018 में आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया गया था।  जेल में ही उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में मौत हो गई।  परिजनों ने आरोप लगाया था कि यह सुनियोजित कस्टोडियल डेथ थी।  इस मामले में सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर और पांच अन्य आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई गई थी।

अब पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को हाई कोर्ट से झटका लगा है। क्योंकि इस मामले में 10 साल की सजा पर रोक लगाने वाली सेंगर की अर्जी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी।

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