16 मई 2026

श्योपुर:
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद खबर आई है। चीता प्रोजेक्ट के तहत शुक्रवार को दो और मादा चीतों को बड़े बाड़े से निकालकर कूनो के खुले जंगल में आज़ाद कर दिया गया है। इसके साथ ही अब कूनो के खुले जंगल में पूरी आज़ादी से स्वछंद विचरण करने वाले चीतों की कुल संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
इस बात की पुष्टि चीता परियोजना के फील्ड डायरेक्टर ने एक प्रेस नोट जारी करके की है। प्रशासन का कहना है कि दोनों चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और नए माहौल में ढलने की कोशिश कर रहे हैं।

बोत्सवाना से आए चीतों को मिला खुला आसमान
जानकारी के मुताबिक, जिन दो मादा चीतों को शुक्रवार को खुले जंगल में छोड़ा गया है, उन्हें फरवरी 2026 में अफ्रीकी देश बोत्सवाना से हवाई मार्ग के जरिए भारत लाया गया था। भारत आने के बाद नियमों के मुताबिक इन्हें कूनो नेशनल पार्क के विशेष क्वारंटाइन बाड़ों में रखा गया था।
इनमें से 6 मादा और 3 नर चीते शामिल थे। कूनो की विशेषज्ञ टीम लगातार इनकी सेहत और हर गतिविधि पर नजर रख रही थी। क्वारंटाइन की तय समय सीमा (एक महीना) को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अब इन दोनों मादा चीतों को खुले जंगल की खुली हवा में सांस लेने और शिकार करने के लिए छोड़ दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों चीते अब खुद शिकार करके अपना पेट भर सकेंगे।

जेनेटिक विविधता बढ़ाने में मिलेगी मदद
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बोत्सवाना से आए ये नए चीते कूनो नेशनल पार्क के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। कूनो में पहले से मौजूद चीतों के साथ मिलकर ये नए चीते जेनेटिक विविधता (आनुवंशिक विविधता) को बढ़ाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, जेनेटिक रूप से मजबूत होने की वजह से कूनो में चीतों की एक स्वस्थ और लंबे समय तक टिकी रहने वाली आबादी तैयार करने में बड़ी मदद मिलेगी। कूनो का वातावरण इन नए मेहमानों को काफी रास आ रहा है और वे यहाँ के माहौल में तेजी से घुल-मिल रहे हैं।

हाईटेक रेडियो टेलीमेट्री सिस्टम से रखी जा रही है पैनी नज़र
बाड़े से बाहर खुले जंगल में आने के बाद चीतों की सुरक्षा और उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए कूनो प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। खुले जंगल में छोड़े गए इन दोनों चीतों के गले में आधुनिक रेडियो कॉलर आईडी लगाई गई है।
इस एडवांस रेडियो टेलीमेट्री सिस्टम और विशेष फील्ड टीमों की मदद से चीतों के मूवमेंट, उनके चलने की दिशा और उनके स्थान पर चौबीसों घंटे पैनी नज़र रखी जा रही है।

सुरक्षा, भोजन और सेहत पर विशेष ध्यान
चीता मॉनिटरिंग टीम इन वन्य जीवों की सुरक्षा, उनके भोजन की उपलब्धता और सेहत का पूरा ध्यान रख रही है। इससे पहले 13 मई को भी एक मादा चीता को सफलतापूर्वक खुले जंगल में छोड़ा गया था। पिछले कुछ महीनों में वन विभाग ने कई चीतों को बड़े बाड़ों से निकालकर खुले जंगल के प्राकृतिक माहौल में छोड़ दिया है, ताकि वे प्राकृतिक परिस्थितियों में खुद को विकसित कर सकें।
विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि लगातार हो रही सफल मॉनिटरिंग और अनुकूल वातावरण की वजह से कूनो में चीता पुनस्र्थापन परियोजना काफी मजबूती से आगे बढ़ रही है। वन विभाग को पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी चीते खुले जंगल में सफलतापूर्वक घूमते नजर आएंगे।