2 मई 2026 :
खबर प्रधान डेस्क:

आज शनिवार दोपहर 11:42 पर आपके मोबाइल पर अचानक एक तेज आवाज हुई होगी। एक सरकारी अलर्ट मैसेज आप सबकी स्क्रीन परआया होगा।

दरअसल सभी के मोबाइल अचानक तेज आवाज में बजने लगे औऱ स्क्रीन पर एक अलर्ट मैसेज दिखाई दिया। बहुत से लोग तो इस मैसेज के लिए अलर्ट थे। क्योंकि पिछले तीन दिनों से ये अलर्ट मैसेज किया जा रहे थे।  तो घबराने की बिल्कुल जरूरत थी ही नहीं। लेकिन हो सकता है कुछ लोगों ने ये मैसेज न देखे हों। दरअसल, सरकार देशभर में एक खास अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग कर रही है, जिसके तहत ऐसे मैसेज आपके फोन पर आये ,और आगे भी आ सकते हैं।  यह कोई खतरे की घंटी नहीं, बल्कि एक मॉक ड्रिल का ही हिस्सा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कल 2 मई 2026 को मोबाइल बेस्ड इस आपदा संचार प्रणाली को लॉन्च किया है। 
तो आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। दरअसल, भारत सरकार ने एक नया डिजास्टर इंफॉर्मेशन सिस्टम लॉन्च किया है, जिसके तहत देशभर में टेस्ट अलर्ट भेजे जा रहे हैं।  इसका मकसद किसी खतरे की सूचना देना नहीं, बल्कि एक नई तकनीक की जांच करना है, ताकि भविष्य में आपदाओं के समय लोगों तक तुरंत और सही जानकारी पहुंचाई जा सके।

Extremely Severe Alert” यानि अत्यंत गंभीर चेतावनी का क्या है मतलब: 
आज शनिवार को देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स को एक टेस्ट मैसेज मिला, जिस पर “Extremely Severe Alert” लिखा था।  यानि अत्यंत गंभीर चेतावनी । इस मैसेज में साफ बताया गया कि यह एक टेस्ट है और लोगों को किसी तरह की कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।  यह अलर्ट नए सिस्टम के ट्रायल के तौर पर भेजा गया था।‌ जिसका मकसद  था देश में आपदा के समय सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया को तेज और ज्यादा असरदार बनाना है। इस पूरी व्यवस्था के पीछे SACHET नाम का प्लेटफॉर्म काम करता है, जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स यानी C-DOT ने तैयार किया है।
यह सिस्टम इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन के तय किए गए प्रोटोकॉल पर आधारित है और अभी देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय है। अब तक इस सिस्टम के जरिए 19 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा SMS अलर्ट भेजे जा चुके हैं।


ऐसे अलर्ट की क्यों है जरूरत :
इनका इस्तेमाल मौसम से जुड़ी चेतावनियों, चक्रवात और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान लोगों को सतर्क करने के लिए किया गया है….नया Cell Broadcast सिस्टम पुराने SMS अलर्ट से एक कदम आगे है. इसमें अलर्ट आते ही फोन में तेज आवाज के साथ बड़ा मैसेज स्क्रीन पर दिखता है. खास बात यह है कि यह अलर्ट आपके फोन के साइलेंट या “Do Not Disturb” मोड को भी ओवरराइड कर देता है, यानी आपको हर हाल में सूचना मिल जाएगी।

किन परिस्थितियों में किया जाएगा अलर्ट:
अब समझते हैं आखिर कौन कौन सी परिस्थितियों में इस सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। भूकंप, सुनामी, बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ साथ गैस लीक या केमिकल हादसों जैसी आपात स्थितियों में किया जाएगा. इसका मकसद है कि खतरे की जानकारी तुरंत लोगों तक पहुंचे। अभी इस पर काम चल रहा है। जब यह सिस्टम पूरी तरह लागू हो जाएगा, तब यह हर मोबाइल फोन तक अलर्ट पहुंचाने में सक्षम होगा, चाहे फोन की सेटिंग कुछ भी हो।  इससे आपात स्थिति में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक समय पर सूचना पहुंच सकेगी और जान माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा।