28 अप्रैल 2026
शिवपुरी:
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक जनसभा के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक अलग अंदाज देखने को मिला। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच सिंधिया ने लोगों को धूप से बचने के लिए पुराने जमाने के पारंपरिक तरीके अपनाने की सलाह दी। हालांकि, उनके इस बयान पर अब राजनीति शुरू हो गई है और कांग्रेस ने इसे लेकर उन पर तंज कसा है।
सिंधिया ने जेब से निकाला प्याज, बोले- मैं खुद अपनाता हूँ ये तरीका
शिवपुरी के पोहरी में आयोजित सभा में सिंधिया ने मंच से अपनी जेब में रखा एक प्याज निकालकर जनता को दिखाया। उन्होंने कहा कि गर्मी बहुत ज्यादा है और लू से बचने के लिए हमारे बुजुर्ग जेब में प्याज रखने की सलाह देते आए हैं। सिंधिया ने लोगों से कहा कि खूब पानी पिएं, सिर पर गमछा बांधें और जेब में प्याज रखें।
उन्होंने आगे कहा, “भले ही लोग कहें कि देश के संचार मंत्री जेब में प्याज लेकर घूम रहे हैं, लेकिन मेरा परिवार जमीन से जुड़ा है और मैं इन पुरानी मान्यताओं को मानता हूँ। मैं अपनी गाड़ी में एसी (AC) का इस्तेमाल नहीं करता ताकि शरीर को गर्मी सहने की आदत बनी रहे। मेरी चमड़ी चंबल की है और मैं खुद को तपाना जानता हूँ।”
कांग्रेस का पलटवार: क्या उन्हें गरीबों के हाल का अंदाजा है?
सिंधिया के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही कांग्रेस हमलावर हो गई। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग राजमहलों और दिल्ली के आलीशान बंगलों में रहते हैं, वे अब जनता को प्याज रखने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सिंधिया को अंदाजा भी है कि चिलचिलाती धूप में मजदूरी करने वाले किसान और गरीब का क्या हाल होता है?
क्या कहता है विज्ञान और आयुर्वेद?
सिंधिया की इस सलाह पर विशेषज्ञों की राय थोड़ी अलग है। मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रितेश यादव के अनुसार, जेब में प्याज रखने से लू नहीं लगती, इस बात का मेडिकल साइंस में कोई ठोस प्रमाण नहीं है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में यह एक गहरी मान्यता है कि कच्चा प्याज शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
वहीं आयुर्वेद के जानकारों का कहना है कि आयुर्वेद की किताबों में भी इसका सीधा उल्लेख नहीं मिलता, लेकिन ग्रामीण लोग सुरक्षा के साथ-साथ इसे आपातकालीन भोजन के तौर पर भी साथ रखते हैं।


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