28 जुलाई 2026:
खबर प्रधान डेस्क:
हिंदू धर्म में गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया गया है।
गुरु गोविंद दोउ खड़े, काके लागूं पाव। बलिहारी गुरु आपने ,गोविंद दियो बताए।।
गुरु को इसलिए अधिक महत्व दिया जाता है ,क्योंकि गुरु ने ही हमें भगवान के बारे में ज्ञान दिया है।
इसलिए गुरु पूर्णिमा को सनातन परंपरा में बहुत ही महत्व दिया जाता है। इस दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती भी मनाई जाती है। इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
गुरु पूर्णिमा का महत्व: सनातन परंपरा के अनुसार महर्षि वेदव्यास को प्रथम गुरु का दर्जा प्राप्त है उन्होंने ही चारों वेदों का निर्माण किया था। इसलिए उनके जन्म के समय को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। किस दिन बड़े बुजुर्गों का गुरुजनों का आशीर्वाद लेना चाहिए, उनका सम्मान करना चाहिए।
इस वर्ष गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026 बुधवार के दिन पड़ रही है
गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि :
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत हो ,घर में गंगाजल का छिड़काव करें। आप जिसे भी गुरु मानते हैं उसका ध्यान कर मंदिर में दीप प्रज्वलन करें । धूप दीप अगरबत्ती जलाकर आरती करें। मन में गुरु का ध्यान करके फल फूल मिठाई भोग अर्पित करें। किसी भी गुरु मंत्र का जाप करें।
यदि अपने गुरु मंत्र नहीं लिया है तो बृहस्पति देव की पूजा अर्चना कर आरती करें और ‘ॐ श्री गुरुवे नमः’ का जाप करें।


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