25 अप्रैल 2026 :
मध्य प्रदेश/ जबलपुर:

जबलपुर के नर्सिंग कॉलेज का फर्जीवाड़ा एक अत्यंत गंभीर और बेहद चर्चित मुद्दा है । जिसे हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते  हुए कई अहम फैसले लिए हैं । यह घोटाला मुख्य रूप से फर्जी मान्यता प्राप्त नर्सिंग कॉलेज से जुड़ा हुआ है।
मध्य प्रदेश का नर्सिंग कॉलेज के फर्जीवाड़े में कल शुक्रवार को मध्य प्रदेश  हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अविनेंद्र कुमार सिंह की युगल पीठ ने कहा कि बिना हाई कोर्ट की अनुमति के बिना परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगीं। यानी आगामी परीक्षाओं के लिए नर्सिंग काउंसलिंग को हाई कोर्ट की अनुमति लेना होगा। आपको बता दें कि 28 अप्रैल से नर्सिंग परीक्षाएं आयोजित की जानी थी।  हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच में पाया कि 800 में से 600 कॉलेज अपात्र या मान्यता प्राप्त नहीं थे। यानी कॉलेज फर्जी थे या सिर्फ कागजों पर चल रहे थे ।  हाई कोर्ट ने अपात्र कॉलेज के छात्रों को पात्र कॉलेज में 30 दिन के भीतर ट्रांसफर करने का भी निर्देश दिया है। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद करीब 30 हजार से ज्यादा नर्सिंग छात्र प्रभावित हो सकते है।
हाई कोर्ट में इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों का भविष्य सुनिश्चित करने के लिए 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।  जिसमें अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है।