झारखंड कांग्रेस में बगावत के सुर, 5 नाराज़ विधायक पहुंचे -हाईकमान के दरबार :
संवाददाता
24 January 2026
अपडेटेड: 4:02 PM 0thGMT+0530
कांग्रेस विधायकों का आरोप
मंत्री नहीं सुनते बात, कामकाज की समीक्षा की मांग :
दिल्ली में खरगे से मुलाकात, बैठक में राहुल गांधी भी रहे मौजूद:
झारखंड में कांग्रेस के भीतर चल रहा असंतोष अब सीधे हाईकमान तक पहुंच गया है। पार्टी के पांच नाराज़ विधायकों ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर अपनी नाराजगी खुलकर सामने रखी है… इन विधायकों का आरोप है कि सरकार में शामिल कांग्रेस मंत्री उनकी बात नहीं सुनते, विधायकों के कामों और मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और मंत्रियों का रवैया सहयोगात्मक नहीं है।
विधायकों ने मंत्री पदों और सरकार के कामकाज की समीक्षा की भी मांग की है। इसी दिन बिहार कांग्रेस में भी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। हालांकि बिहार कांग्रेस ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि पार्टी के छह विधायक दल बदलने की तैयारी में हैं।
दिल्ली में खरगे के आवास पर हुई इस अहम बैठक में राहुल गांधी, संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल,पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार और राज्य के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। गौरतलब है कि हालिया विधानसभा चुनाव में करीब 60 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद कांग्रेस सिर्फ 6 सीटें जीत सकी थी, जिसके बाद से पार्टी में असंतोष की चर्चाएं तेज हैं।के सी वेणुगोपाल ने साफ कहा कि कांग्रेस विधायकों के पार्टी छोड़ने की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
खबरों के मुताबिक, करीब दो घंटे चली इस बैठक के दौरान राहुल गांधी परेशान नजर आए। बताया जा रहा है कि बैठक का मकसद पार्टी में एकता का संदेश देना था। वहीं झारखंड में असंतुष्ट विधायक राजेश कच्छप, भूषण बारा, नमन विक्सेल कोंगारी, सोनाराम सिंकू और सुरेश बैठा ने खुलकर कहा कि चारों कांग्रेस मंत्री काम करने में नाकाम रहे हैं। सुरेश बैठा ने ये तक कहा कि मंत्रियों को याद रखना चाहिए कि वे भी विधायकों की तरह ही चुने गए प्रतिनिधि हैं।
तो कुल मिलाकर, झारखंड और बिहार दोनों राज्यों में कांग्रेस के अंदर सियासी उथल-पुथल साफ दिखाई दे रही है…