धार स्थित भोजशाला परिसर का मामला  पहुंचा सुप्रीम कोर्ट:

khabar pradhan

संवाददाता

31 March 2026

अपडेटेड: 9:41 AM 0stGMT+0530

मुस्लिम पक्ष का आरोप है कि निचली अदालत में उनके तर्कों को किया जा रहा अनसुना

31 मार्च 2026 :मध्य प्रदेश/ धार/

धार का भोजशाला परिसर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है मुस्लिम पक्ष ने इंदौर हाई कोर्ट की  जारी कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा है कि निचली अदालत में उनके तर्कों को अनसुना किया जा रहा है। मुस्लिम पक्ष के कमल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी ने सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष आवेदन दायर किया है और मांग की है कि दो अप्रैल से होने वाली सुनवाई से पहले 1 अप्रैल को उनकी आपत्तियों पर विचार किया जाए । मुस्लिम पक्ष का मानना है कि इस  प्रक्रिया में जल्द निपटाने के कारण मुस्लिम पक्ष को समय नहीं दिया गया और उनके संवैधानिक अधिकारों की और अनदेखी की गई।
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य प्रदेश के हाईकोर्ट के जजों ने भी कड़ा रुख अपनाया था। शनिवार 28 मार्च को इंदौर खंडपीठ के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी ने खुद धार पहुंचकर भोजशाला परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और परिसर का जायजा लिया।  जिसे अब इस केस में बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
धार की ऐतिहासिक इमारत दो समुदायों के बीच आस्था का केंद्र और विवाद का कारण रही है ।हिंदू पक्ष इसे वाग्देवी सरस्वती मां का मंदिर मानता है और मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला की मस्जिद मानता है।  वर्तमान में यह स्थान एएसआई के संरक्षण में है। और एएसआई ने बारीकी से निरीक्षण कर रिपोर्ट हाई कोर्ट में प्रस्तुत कर दी है।

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