बीएमसी के चुनाव हो चुके ,परिणाम भी आ गये,जश्न भी मना लिया गया ।फिलहाल मुंबई बीएमसी में मेयर को लेकर खींचतान चल रही है। खिचड़ी अभी पक रही है। लेकिन इसी बीच एक ऐसी खबर निकल कर सामने आई है जिस पर यकीन करना थोड़ मुश्किल लग रहा है।

क्या है खबर:
खबर है कि अमरावती से पूर्व सांसद नवनीत राणा को बीजेपी से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। माना जा रहा है कि ये सिर्फ अभी उड़ती उड़ती खबर है। दरअसल नवनीत राणा के खिलाफ कुछ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विद्रोह छेड़ दिया है। और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर निष्कासन की मांग तक कर दी है‌।

विवाद का पूरा मामला:

क्या है पूरा विवाद ??
क्यों नाराजगी है -नवनीत राणा से 

तेजतर्रार नेता हैं नवनीत राणा ,अपनी बात बड़ी मुखरता से रखती हैं। गलत बात को बर्दाश्त नहीं करतीं लेकिन हाल में हुए अमरावती नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के 22 उम्मीदवारों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को पत्र लिखकर कर शिकायत की है, कि पूर्व सांसद नवनीत राणा ने पार्टी के खिलाफ जाकर प्रचार किया है और इसी आरोप में उन्हें निष्कासित करने की मांग की जा रही है। ऐसी शिकायत करने वाले 22 लोग हैं। इन शिकायतकर्ताओं में से दो उम्मीदवार 15 जनवरी को हुए निकाय चुनावों में जीत हासिल कर चुके हैं।  जबकि 20 लोगों  को हार का सामना करना पड़ा।

इन नेताओं ने आरोप लगाया कि अमरावती से पूर्व लोकसभा सदस्य नवनीत राणा ने भाजपा के उम्मीदवारों को ‘‘डमी” यानि नाममात्र का उम्मीदवार बताया और अपने पति रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी के उम्मीदवारों का भाजपा के असली उम्मीदवार बताया। ये बीत बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं को नागवार गुजरी और अब सीएम से शिकायत कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


दरअसल  भाजपा और विधायक रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी के बीच गठबंधन था जो नगर निकाय चुनाव से पहले तोड़ दिया था। लेकिन भाजपा के एक स्थानीय नेता ने कहा था कि नवनीत राणा भाजपा के उम्मीदवारों के लिए प्रचार जारी रखेंगी भले ही वो रवि राणा की पत्नी हैं‌ और उनकी बात पर सभी ने भरोसा किया‌ लेकिन शिकायत का मौका नवनीत की तरफ से दिया गया और अब सभी उम्मीदवार नाराज हैं। 87 सदस्यों वाली अमरावती नगर निगम में भाजपा ने 25 सीट जीतीं, युवा स्वाभिमान पार्टी और कांग्रेस को 15-15 सीटें मिली।

एआईएआईएम को 12, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 11, शिवसेना और बहुजन समाज पार्टी को तीन-तीन, शिवसेना उद्धव को दो और वंचित बहुजन आघाडी को एक सीट पर जीत मिली।
.पिछले चुनाव में भाजपा ने 45 सीट जीती थीं और युवा स्वाभिमान पार्टी को तीन सीट पर जीत हासिल हुई थी।  लेकिन इस बार स्थिति बदल गई हैं।
  हार सामना करने वाले 20 उम्मीदवारों और जीतने वाले दो प्रत्याशियों ने फडणवीस को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि उनकी हार सबसे बड़ा कारण हैं नवनीत राणा ।
इनकी  दोहरी नीति की वजह से हमारी हार हुई है। उन्होंने खुद को पार्टी के समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता बताया है । उनका साफ साफ कहना है भाजपा नेता नवनीत राणा ने पार्टी के खिलाफ जाकर खुले तौर पर पति की पार्टी का प्रचार किया।  उन्होंने नवनीत राणा को भाजपा से निष्कासित करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि अगर उन्हें बाहर का रास्ता नहीं दिखाया गया तो वह भविष्य में अमरावती शहर में वो पार्टी का अस्तित्व तक मिटा देंगी। हालांकि इस मामले पर पूर्व सांसद राणा ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही पार्टी की ओर से कोई बयान जारी हुआ है।

तो अब देखना होगा पार्टी इन सिकायतों पर क्या एक्शन लेती है….और नवनीत राणा इस बारे में क्या सफाई देती हैं। बहरहाल अब आपस में ठन जरूर गई है….